*दो साल की बाद ऐतिहासिक भाव पूर्ण उल्लसित होकर सड़क पर दिखा श्वेताम्बर जैन समाज*


इंदौर । भगवान महावीर जन्म कल्याणक का मंगल जुलूस महावीर भवन से आरम्भ होकर गोपालमन्दिर पिपली बाजार से होकर जवाहरमार्ग पर पहुंचा हालांकि गोपालमन्दिर की सकड़ी सड़क पर झांकियां न निकली झांकियों को यशवंत रोड से जवाहरमार्ग पर लाकर जोड़ा गया । कोरोना की पाबंदियों से विगत 2 बरस की रिक्ता ओर कुछ मन भाव से युवाओं का बड़ी तादात में सड़क पर आना भगवान महावीर जन्मकल्याणक को एक विशिष्ठ स्मृति दे गया । श्वेताम्बर जैन समाज का श्रद्धालु जुलूस के बजाय सीधे स्वामीवात्सल्य की ओर ज्यादा रुचिकारक होता है लेकिन इस वर्ष मंगल जुलूस का स्वरूप देख हर एक की जुबां से यह शब्द निकला बहुत बड़ी तादात में जनसमुदाय दिखा । इस बार जुलूस में महासंघ की एकतरफा नियंत्रण के बजाय सामूहिक समन्वय नियंत्रण स्वप्रेरित होकर दिखा । आचार्य मुक्ति सागर जी जो एक अनुशासित संत है और उन्होंने महावीर जन्मकल्याणक मंगल जुलूस के संदर्भ में महासंघ के समन्वयक श्री प्रकाश बागानी को स्पष्ट कर दिया कि वह इंदौर जन्म कल्याणक मंगल आयोजन को गरिमा पूर्ण निर्विवादित निर्विघ्न हो सके तभी आनंदित पर्व होगा । आचार्य श्री की हिदायतों को बड़ा प्रभावी असर दिखा । युवाओं की अलग अलग टोलियां महिला मंडल की टोलियां अपने सामूहिकता के परिधानो के साथ व्रहिंगम भगवान महावीर के संदेशों की झांकियां मातृ शक्ति की स्वर संगीत भक्ति गगन भेदी भगवान महावीर का अमर सन्देश जियो ओर जीने दो के नारों से मंगल जुलूस आकर्षित कर रहा था । समाजिक राजनीति को उपस्थिति जन समुदाय ने सिरे से खारिज कर आज बड़े विशाल मानस के साथ अपनी उपस्थिति ने सामाजिक ठेकेदारों की प्रतिस्पर्धा मानसिकता को नकार दिया । श्वेताम्बर जैन समाज की बरसो बरस बाद इस उपस्थिति का श्रेय वर्तमान में धार्मिक कट्टरता ओर शक्ति प्रदर्शन की शैली के पनप जाने से भी मूल्यांकित किया जा सकता है ।
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