कभी ऐसा आतंकी कि खौफ खाते थे लोग, अब अशोक चक्र से सम्मानित करेगी सरकार

कभी ऐसा आतंकी कि खौफ खाते थे लोग, अब अशोक चक्र से सम्मानित करेगी सरकार

लांस नायक नजीर वानी को मरणोपरांत 26 जनवरी को अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। बता दें 2004 में नजीर ने आतंकवाद को छोड़ सेना को चुना था और पिछले साल जम्मू- कश्मीर के शोपियां में एक ऑपरेशन के दौरान वो शहीद हो गए थे। उन्होंने 162 टेरिटोरियल आर्मी बटैलियन ज्वाइन किया था। वहीं उन्हें सेना मेडल में मिल चुका है। गौरतलब है कि किसी भी सैनिक को दिए जाने वाले सम्मान में सबसे बड़ा सम्मान होता है अशोक चक्र।

नवंबर 2018 में हुए थे शहीद: लांस नायक नजीर वानी जम्मू- कश्मीर के शोपियां में पिछले साल नवंबर में एक मुठभेड़ में शहीद हुए थे। बता दें कि नजीर वानी ने 162 टेरिटोरियल आर्मी बटैलियन ज्वाइन किया था। जिसके बाद से उन्हें 2007 में दो बार जबकि 2018 अगस्त में सेना मेडल भी मिल चुका था। गौरतलब है कि सेना से जुड़ने से पहले जम्मू कश्मीर की कुलगाम तहसील के अश्मूजी गांव के रहने वाले नजीर खुद एक आतंकवादी थे। वो इख्वान का हिस्सा थे। लेकिन 2004 में उन्होंने इख्वान का साथ छोड़ दिया और देश की सेवा के लिए सेना से जुड़ गए।

मुठभेड़ में लगी थीं गोलियां: पिछले साल नवंबर 2018 में वानी अपने साथियों के साथ ड्यूटी पर थे, तब उन्हें जानकारी मिली की शोपियां में कुछ आंतकी हैं। वहीं इनपुट से उन्हें पता लगा था कि उनके पास भारी हथियार भी हैं। लेकिन वानी और उनकी टीम ने हिम्मत से उनका सामना किया और मार गिराया। इस मुठभेड़ में उन्हें गोलियां भी लगीं लेकिन इलाज के दौरान वो शहीद हो गए। बता दें कि वानी के दो बच्चे हैं।

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