अलीगढ़ में बैंकों की हड़ताल खत्म, करीब 1200 करोड़ का लेनदेन प्रभावित*
केंद्रीय श्रम संगठनों व स्वतंत्र अखिल भारतीय फेडरेशन की पहल पर ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन की दो दिवसी हड़ताल आज शाम खत्म हो गई। राजा महेंद्र प्रताप सिंह पार्क में बैंक अधिकारी और कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की,यूपी बैंक इंप्लाई यूनियन के अलीगढ़ जिला मंत्री वीके शर्मा ने बताया कि बैंक अधिकारी व् कर्मचारियों ने सरकार की बैंकों की निजीकरण करने की नीति को लेकर रोष में हैं। दिसम्बर 2021 में संसद में बैंकिंग अधिनियम में संशोधन करने का सरकार का प्रयास विफल रहा। पर सरकार के इरादे अभी भी बैंकिंग अधिनियम में संशोधन कर बैंकों के निजीकरण के रास्ते को प्रशस्त करना है। निजीकरण का दुस्साहस इस हद तक बढ़ गया है कि अपने नवीनतम कदम में सरकार ने पिछले साढे सात दशकों में सार्वजनिक निधियों द्वारा नर्मिति, लगभग सभी ढांचागत संपत्तियों को वस्तुतः मुफ्त में निजी हाथों में सौंपने का फैसला किया है। हमारी राष्ट्रीय सम्पति की ऐसी लूट नहीं होने दी जाएगी। निजीकरण की प्रक्रिया दलितों, आदिवासियों और समाज के अन्य दलित वर्गों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण के सवैधानिक अधिकार को भी छीन लेगी। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के माध्यम से केंद्र और राज्य दोनों के सरकारी कर्मचारियों को भारी नुकसान हुआ है। अब सरकारी कर्मचारी और लोगों दोनों के लिए एनपीएस के साथ पीएफआरडीए अधिनियम में संशोधन करके पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण के नियंत्रण से बाहर किया जा रहा। इस प्रकार कर्मचारियों और लोगों की पेंशन और सामाजिक सुरक्षा की बड़ी राशि को असीमित अटकलों के लिए छोड़ना, एनपीएस के तहत उपलब्ध अल्प पेंशन को भी खतरे में डालना है।






