बीटा वेरिएंट के खिलाफ बूस्टर डोज की तैयारी
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्रानेकाने सास-कोव 2 वायरस के बीटा स्वरूप पर अपने कोविड-19 वैक्सीन के बूस्टर स्वरूप को आजमाइश शुरू कर दी है।बीटा वेरिएंट सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था।बूस्टर वैक्सीन का परीक्षण ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और पोलैंड में 2250 प्रतिभागियों पर किया जाएगा।इनमें वे लोग शामिल है, जिहें या तो एस्ट्राजेनेका को वैक्सीन या फिर एमआरएनए आधारित किसी अन्यटीके की दोनों खुराक हासिल हो चुकी है।कुछ ऐसे प्रतिभागियों पर भी वैक्सीन का असर आंका जाएगा, जिन्होंने अभी तक टीकाकरण नहीं करवाया है। बूस्टर वैक्सीन को एस्ट्राजेनेका के मूल टीके के फॉर्मूले पर ही बनाया गया है।हालांकि, वायरस के बीटा स्वरूप को देखते हुए इसके स्पाइक प्रोटीन में मामूली बदलाव किया गया है।






