हाई कोर्ट ने अवैध रेत खनन व परिवहन पर मांगा जवाब, कलेक्टर को कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश
जबलपुर ।मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अनूपपुर में अवैध रेत खनन व परिवहन के मामले को गंभीरता से लिया। इसी के साथ अनूपपुर के कलेक्टर को कार्रवाई सुनिश्चित करने के अंतरिम निर्देश दे दिए। साथ ही राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया गया
मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व जस्टिस सुजय पॉल की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान जनहित याचिकाकर्ता किसान सभा के महासचिव बुद्ध सेन राठौर व उमेश राठौर की ओर से अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव, दिनेश उपाध्याय व शफीक जाैहर ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि अनूप पुर जिला प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर है। जिले से दो राष्ट्रीय नदियों नर्मदा तथा सोन के अतिरिक्त जोहिला, केवई आदि प्रमुख नदियां है
नदियों के कारण प्रचुर मात्रा में रेत जमा होती है।लंबे अर्से से जिला खनन विभाग तथा ठेकेदारों और रेत माफिया की मिलीभगत से नदियों के सीने को छलनी करके रेत का अवैध खनन,परिवहन,भंडारण विक्रय करके न केवल नदियों को नष्ट कर रहा है बल्कि शासन को करोड़ों रूपये का चूना लगा रहा है।जिले में रेत खनन के लिए बाइस खदानों का तीन वर्ष का ठेका भोपाल की के जी डेवलपरको दिया गया है परन्तु उक्त ठेकेदार दवारा केवल आठ खदानों के लिए ई-परमिट लेकर पूरे जिले में बड़े पैमाने पर रेत उत्खनन किया जा रहा है, जिसमें ऐसी खदानें भी शामिल हैं जी अधिसूचित नहीं है ।ठेकेदार द्वारा ठेका शर्तो का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
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