पांडे जैसे तीन और दूध माफिया सक्रिय हैं प्रदेश में भोपाल। प्रदेश में नकली दूध के कारोबार पर कार्रवाई न होने की वजह से एक नहीं बल्कि कई दूध माफिया पैदा हो गए थे। यह सनसनीखेज खुलासा योगेन्द्र पांडे की गिरफ्तारी के बाद हुआ है। दरअसल पांडे को यूरिया से दूध बनाकर सांची को लंबे समय से सप्लाई किया जा रहा था। उसके पकड़े जाने के बाद लगातार कई तरह की दूध माफियाओं की जानकारी सामने आ रही है। अब पुलिस को पता चला है कि उसके अलावा तीन अन्य माफिया भी हैं जो उसकी ही तर्ज पर दूध में जहर मिलाने का काला कारोबार कर रहे हैं। पुलिस इनकी तह तक भी पहुंच गई है। जल्द ही इन माफियाओं के नाम उजागर किए जा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक योगेंद्र देव पांडेय जैसे तीन और दूध माफिया गिरोह सांची दुग्ध संघ का शुद्ध दूध चोरी कर करोड़ों रुपए का घालमेल कर रहे हैं। सांची दुग्ध संघ में लगे टैंकरों से रोजाना हजारों लीटर दूध चोरी होकर दूध और पनीर बनाने वाली फैक्ट्रियों में सप्लाई किया जा रहा था। इसमें से एक फैक्ट्री का 18 देशों में दूध से निर्मित सामान सप्लाई किया जाता है। क्राइम ब्रांच के संज्ञान में उक्त माफिया आ चुके हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस के पास तीनों दूध माफिया के नाम और कारनामे सामने आ चुके हैं। इधर मामले में फरार आरोपी गोपाल गुर्जर की सरगर्मी से तलाश जारी है। पुलिस की दो टीमें उसकी तलाश में लगी हैं। बहुत जल्द गोपाल भी पुलिस की गिरफ्त में होगा।

पांडे जैसे तीन और दूध माफिया सक्रिय हैं प्रदेश में

भोपाल। प्रदेश में नकली दूध के कारोबार पर कार्रवाई न होने की वजह से एक नहीं बल्कि कई दूध माफिया पैदा हो गए थे। यह सनसनीखेज खुलासा योगेन्द्र पांडे की गिरफ्तारी के बाद हुआ है। दरअसल पांडे को यूरिया से दूध बनाकर सांची को लंबे समय से सप्लाई किया जा रहा था। उसके पकड़े जाने के बाद लगातार कई तरह की दूध माफियाओं की जानकारी सामने आ रही है। अब पुलिस को पता चला है कि उसके अलावा तीन अन्य माफिया भी हैं जो उसकी ही तर्ज पर दूध में जहर मिलाने का काला कारोबार कर रहे हैं। पुलिस इनकी तह तक भी पहुंच गई है। जल्द ही इन माफियाओं के नाम उजागर किए जा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक योगेंद्र देव पांडेय जैसे तीन और दूध माफिया गिरोह सांची दुग्ध संघ का शुद्ध दूध चोरी कर करोड़ों रुपए का घालमेल कर रहे हैं। सांची दुग्ध संघ में लगे टैंकरों से रोजाना हजारों लीटर दूध चोरी होकर दूध और पनीर बनाने वाली फैक्ट्रियों में सप्लाई किया जा रहा था। इसमें से एक फैक्ट्री का 18 देशों में दूध से निर्मित सामान सप्लाई किया जाता है। क्राइम ब्रांच के संज्ञान में उक्त माफिया आ चुके हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस के पास तीनों दूध माफिया के नाम और कारनामे सामने आ चुके हैं। इधर मामले में फरार आरोपी गोपाल गुर्जर की सरगर्मी से तलाश जारी है। पुलिस की दो टीमें उसकी तलाश में लगी हैं। बहुत जल्द गोपाल भी पुलिस की गिरफ्त में होगा।

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