समझौते से मिलेगा सौ करोड़ का कर, उम्मीदें बढ़ी
जीएसटी लागू होने से पहले के सर्विस टैक्स, सेंट्रल एक्साइज, कस्टम और सीजीएसटी डिपार्टमेंट के मप्र और छत्तीसगढ़ रीजन को करीब 100 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इस वसूली के लिए दोनों राज्यों में करीब ढाई हजार प्रकरणों में विभाग ने बकायादारों से कर की बकाया राशि जमा कराने के लिए समझौता किया है। लंबे समय से ये मामले लिटिगेशन में चल रहे थे। दरअसल में केंद्र सरकार की योजना सबका विश्वास लागू होने से यह रास्ता खुला है। इसे विवादित मामलों से निपटाने के लिए ही सेंट्रल बोर्ड आफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम ने बीते सितंबर में लागू किया है। सेंट्रल एक्साइज व जीएसटी विभाग ने अपनी करोड़ों रुपए की राशि निकालने के लिए इस योजना के जरिए समझौते का रास्ता चुना है। योजना के तहत दोनों राज्यों में करीब चार महीने में ढाई हजार कारोबारियों ने दिलचस्पी दिखाई है। ये मामले करीब सौ करोड़ रुपए से ज्यादा के हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार, 1 जुलाई 2017 से जीएसटी लागू होने से पहले मप्र-छत्तीसगढ़ में सर्विस टैक्स से जुड़े विवादित आठ हजार से अधिक अभियोजन के मामले अलग-अलग कोर्ट और ट्रिब्युनल में चल रहे हैं। जिसकी वजह से विभाग का अरबों रुपयों का कर अटका हुआ
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