सिद्धि तप की अनुमोदना में भिक्षु भक्ति का आयोजन
मुंबई, 7 सितंबर 2026। तपस्या के आध्यात्मिक वातावरण को भक्तिमय बनाने के उद्देश्य से तपस्वी श्रीमती लीला सुरेश कछारा के निवास स्थान पर सोमवार शाम भिक्षु भक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सिद्धि तप की साधना कर रही श्रीमती लीला सुरेश कछारा की तपस्या के प्रति श्रद्धा एवं अनुमोदना व्यक्त करने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में दक्षिण मुंबई के श्रावक समाज ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम में दक्षिण मुंबई की पाँचों संस्थाओं—तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ किशोर मंडल एवं अणुव्रत समिति—के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी संस्थाओं के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित होकर तपस्वी की तपस्या की अनुमोदना में सहभागी बने।
भक्ति गीतों एवं मंगल भावनाओं से सजा वातावरण श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने भक्तिभाव से भिक्षु भक्ति में सहभागिता करते हुए तपस्वी के प्रति अपनी अनुमोदना एवं मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि तपस्या केवल आहार का त्याग नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम और मन-विजय की साधना है। चातुर्मास के दौरान तपस्या के प्रति जागृत होने वाला अनुराग व्यक्ति को आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ाता है।
सिद्धि तप जैसी कठिन साधना के लिए श्रीमती लीला सुरेश कछारा के प्रति उपस्थित सभी ने श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके तप की सुखसाता एवं आध्यात्मिक उन्नति की मंगलकामना की। कार्यक्रम का वातावरण पारिवारिक आत्मीयता, भक्ति और तप-अनुमोदना की भावना से सराबोर रहा।
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