सिद्धि तप की साधना पूर्णता की ओर, तपस्वी लीला कछारा की हुई अनुमोदना
मुंबई, 7 सितंबर। परम पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री महाश्रमणजी की कृपा तथा शासन श्री साध्वीश्री कंचनप्रभाजी, शासन श्री साध्वीश्री मंजूरेखाजी एवं सहवर्ती साध्वीवृंद की प्रेरणा से श्रीमती लीला सुरेश कछारा द्वारा की जा रही सिद्धि तप की तपस्या सानंद एवं सुखसाता पूर्वक पूर्णता की ओर अग्रसर है।
7 सितंबर की प्रातःकालीन प्रवचन के पश्चात साध्वीवृंद की सन्निधि में तपस्वी लीला कछारा को पचक्खाण कराया गया। साध्वीवृंद ने तपस्वी की तपस्या की हृदयपूर्वक अनुमोदना करते हुए उनके तप, त्याग, संयम एवं आत्मबल की सराहना की तथा उनके आध्यात्मिक विकास की मंगलकामना की।
इस अवसर पर उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने भी तपस्वी लीला कछारा की तपस्या की अनुमोदना की। तपस्वी की दृढ़ साधना एवं तप के प्रति समर्पण ने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं में भी तपस्या के प्रति उत्साह और प्रेरणा का संचार किया।
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, दक्षिण मुंबई के अध्यक्ष देवेंद्र डागलिया ने समस्त तेरापंथ समाज, दक्षिण मुंबई की ओर से तपस्वी लीला कछारा की सिद्धि तप की अनुमोदना की। उन्होंने कहा कि तपस्या आत्मशुद्धि, कर्मनिर्जरा और आत्मबल की वृद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को अपनी सामर्थ्य के अनुसार तपस्या एवं त्याग के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
साध्वीवृंद के मंगल सान्निध्य, तपस्वी के दृढ़ संकल्प तथा समाजजनों की अनुमोदना से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं तपोभाव से ओतप्रोत रहा। समस्त तेरापंथ समाज, दक्षिण मुंबई की ओर से तपस्वी लीला कछारा की तपस्या की अनुमोदना करते हुए उनके उत्तरोत्तर आध्यात्मिक उन्नयन की मंगलकामना की गई।
804 views





