*मानव सेवा के लिए सर्जन डॉ. दिगंत पाटनी को स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान*

*मानव सेवा के लिए सर्जन डॉ. दिगंत पाटनी को स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सम्मान*

*200 से अधिक कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी कर बच्चों के जीवन में लौटाई सुनने-बोलने की क्षमता*

इंदौर। जरूरतमंद बच्चों के जीवन में सुनने और बोलने की नई उम्मीद जगाने वाले युवा कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जन डॉ. दिगंत पाटनी को उनकी उल्लेखनीय मानव सेवा के लिए ‘स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ का रिकॉर्ड सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह सम्मान प पू सुधासागर जी महाराज की पावन निश्रा में विजय बाकलीवाल, अशोक दोशी, नवीन गोधा, वीरेंद्र कुमार जैन,अशोक शास्त्री, सौरभ बडजात्या,गिरीश गिन्नी ग्रुप, पिंकेश टोंग्या, प्रिंसिपल टोंग्या आलोक कोयला, डॉ मेघा पाटनी एवं शारदा जैन द्वारा प्रदान किया गया।

डॉ. दिगंत पाटनी ने महज 32 वर्ष की उम्र से स्वतंत्र रूप से कॉक्लियर इम्प्लांट (CI) सर्जरी करना प्रारंभ किया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं के माध्यम से जन्मजात गंभीर श्रवण बाधिता से पीड़ित बच्चों की 200 से अधिक कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं। इन सर्जरियों के माध्यम से अनेक बच्चों को सुनने की क्षमता प्राप्त हुई तथा उनके बोलने, शिक्षा और सामान्य सामाजिक जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

डॉ. पाटनी की चिकित्सा विशेषज्ञता के साथ-साथ वंचित एवं जरूरतमंद बच्चों के प्रति सेवा भावना को देखते हुए स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

इस अवसर पर प पू सुधासागर जी महाराज ने डॉ. दिगंत पाटनी की मानव सेवा के इस उत्कृष्ट कार्य की प्रशंसा करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने सेवा, चिकित्सा एवं जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के प्रयासों को सराहनीय बताया।

स्वर्णिम बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से जारी प्रमाण-पत्र में डॉ. दिगंत पाटनी को “Young Cochlear Implant Surgeon” के रूप में सम्मानित किया गया है।

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