*वर्षों पुरानी झांकी परंपरा को बढ़ाने वाली 5 मिल समितियों को 10 लाख का अनुदान*
*गणेश विसर्जन चल समारोह में निकलने वाली झांकियों के लिए राजकुमार, हुकुमचंद, मालवा, कल्याण और स्वदेशी मिल समितियों को मिलेंगे 2-2 लाख रुपए*
इंदौर। शहर की वर्षों पुरानी गणेश झांकी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम ने पांच मिलों की झांकी समितियों को कुल 10 लाख रुपए का अनुदान देने का निर्णय लिया है। महापौर-इन-कौंसिल की 18 अगस्त को हुई बैठक में पांचों समितियों को 2-2 लाख रुपए अनुदान देने के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि गणेश विसर्जन चल समारोह में निकलने वाली नयनाभिराम झांकियां इंदौर की वर्षों पुरानी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा का हिस्सा हैं। इस परंपरा के निर्वहन और संरक्षण के लिए राजकुमार मिल, हुकुमचंद मिल, मालवा मिल, कल्याण मिल और स्वदेशी मिल की झांकी संचालन समितियों को प्रतिवर्षानुसार अनुदान देने का निर्णय लिया गया है।
इन पांच समितियों को 2-2 लाख रुपए
– राजकुमार मिल गणेश उत्सव समिति| 2 लाख
– हुकुमचंद मिल सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति| 2 लाख
– मालवा मिल श्री गणेश उत्सव समिति| 2 लाख
– कल्याण मिल सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति| 2 लाख
– स्वदेशी मिल गणेश उत्सव समिति| 2 लाख
*मिलों से शुरू हुई झांकियों की परंपरा*
इंदौर में गणेश विसर्जन चल समारोह की झांकियां केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा मानी जाती हैं। मिलों के दौर से चली आ रही यह परंपरा आज भी गणेशोत्सव के दौरान लोगों को आकर्षित करती है। अलग-अलग मिल समितियों द्वारा तैयार की जाने वाली झांकियां चल समारोह का प्रमुख आकर्षण रहती हैं। नगर निगम के इस निर्णय को इसी पुरानी परंपरा को जीवित रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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