*छोटा व्यापारी संकट में, बाजारों की रौनक गायब*
*अब ठोस आर्थिक हस्तक्षेप की आवश्यकता*
*अक्षय जैन*
देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला छोटा, मझला एवं फुटकर व्यापारी वर्ग आज अभूतपूर्व आर्थिक दबाव के दौर से गुजर रहा है।
एक समय शहरों और कस्बों के बाजार जहां ग्राहकों की भीड़, खरीदी की ऊर्जा और व्यापारिक उत्साह से गुलजार रहते थे, वहीं आज अनेक बाजारों में सन्नाटा, चिंता और अनिश्चितता का वातावरण दिखाई दे रहा है।
भारतीय उद्योग मंडल के महामंत्री अक्षय जैन ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश का पारंपरिक व्यापार लगातार कई मोर्चों पर संघर्ष कर रहा है। बढ़ती महंगाई, उपभोक्ताओं की सीमित खर्च क्षमता, नकदी प्रवाह में कमी, बढ़ते संचालन खर्च और ऑनलाइन कारोबार की असंतुलित प्रतिस्पर्धा ने छोटे व्यापारियों की स्थिति कमजोर कर दी है।
उन्होंने कहा कि छोटा व्यापारी केवल दुकान नहीं चलाता, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका, स्थानीय रोजगार और सामाजिक आर्थिक संतुलन की महत्वपूर्ण कड़ी भी है। यदि बाजार कमजोर होंगे तो इसका सीधा असर रोजगार, उत्पादन, उपभोग और शहरों की आर्थिक गति पर पड़ेगा।
महामंत्री अक्षय जैन ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि शासन ऑनलाइन कारोबार पर विशेष कर नीति एवं नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करे।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा भारी छूट, असमान कर ढांचा और अनियंत्रित व्यापारिक मॉडल के कारण पारंपरिक खुदरा व्यापारी असमान प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है।
उन्होंने मांग की कि शासन ऑनलाइन कारोबार पर विशेष कर पद्धति लागू कर पारंपरिक बाजारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, ताकि छोटे व्यापारियों को समान अवसर प्राप्त हो सकें।
साथ ही सरकार को छोटे एवं फुटकर व्यापारियों के लिए विशेष आर्थिक ऋण पैकेज, आसान ब्याज दरों पर कार्यशील पूंजी तथा राहत योजनाओं की घोषणा करनी चाहिए, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में नई ऊर्जा आ सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में कई छोटे दुकानदार किराया, बिजली बिल, कर्मचारियों का वेतन और दैनिक संचालन खर्च तक निकालने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं।
त्योहारों और विवाह सीजन में भी अपेक्षित व्यापार नहीं होना बाजार की कमजोर स्थिति को स्पष्ट दर्शाता है।
भारतीय उद्योग मंडल ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे स्थानीय बाजारों से खरीदी को प्राथमिकता दें।
“लोकल व्यापार मजबूत होगा तो स्थानीय रोजगार, सामाजिक संतुलन और शहर की आर्थिक व्यवस्था भी मजबूत होगी।”
“देश की आर्थिक धड़कन को जीवित रखना है तो छोटे व्यापार को संरक्षण देना ही होगा।”
अक्षय जैन – महामंत्री, भारतीय उद्योग मंडल






