यूसीसी (समान नागरिक संहिता) के विरोध पर महापौर का जवाब, कहा देश में सभी नागरिकों पर एक समान कानून होना चाहिए

*यूसीसी (समान नागरिक संहिता) के विरोध पर महापौर का जवाब, कहा देश में सभी नागरिकों पर एक समान कानून होना चाहिए*

इंदौर।शनिवार को जाल आभा ग्रह में यूसीसी पर प्रबुद्ध नागरिक जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद कार्यकम में यूसीसी का विरोध करने वाले वक्ताओं को जवाब देते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को यह अधिकार नहीं हो सकता कि वह अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के आधार पर चार विवाह करे और बड़ी संख्या में संतान उत्पन्न करने जैसे मामलों में अपने-अपने नियम लागू करे। ऐसे प्रावधानों से कानून व्यवस्था और सामाजिक समानता पर प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य यही है कि देश के सभी नागरिकों पर एक समान कानून लागू हो, जिससे विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों में समानता सुनिश्चित हो सके। महापौर ने कहा कि देश के कुछ राज्यों में यूसीसी लागू भी किया जा चुका है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

महापौर ने स्पष्ट किया कि यूसीसी मुख्य रूप से विवाह तलाक उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों से संबंधित है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि वर्तमान स्वरूप में इसके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कुछ कमियां दिखाई देती हैं। उनके अनुसार कानून के पालन और निगरानी से जुड़े प्रावधानों को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि इसका उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके।

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