कोर्ट ने साफ किया—SC-ST मामलों में FIR का निर्देश देना मजिस्ट्रेट का अधिकार*
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि एससी एसटी एक्ट के तहत अपराध की एफआइआर दर्ज कर विवेचना का आदेश देने की मांग में बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत दाखिल अर्जी पर मजिस्ट्रेट द्वारा कंप्लेंट केस कायम करने के आदेश में कोई का विवेकाधिकार है कि वह अर्जा अवैधानिकता नहीं है। यह मजिस्ट्रेट पर एफआइआर दर्ज कर विवेचना का आदेश दे अथवा स्वयं कंप्लेंट केस दर्ज कर साक्ष्य पेश करने के लिए आदेशित करे। हालांकि मजिस्ट्रेट को कंप्लेंट केस की सुनवाई के दौरान पुलिस विवेचना का आदेश देने का भी अधिकार है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की एकलपीठ ने एम्स गोरखपुर में एमबीबीएस छात्र जितेन्द्र भाटी की अपील खारिज करते हुए की है। एफआइआर दर्ज करने का आदेश नहीं देकर कंप्लेंट केस कायम करने संबंधी विशेष जज गोरखपुर के 29 जुलाई 2025 के आदेश की वैधता को अपील में चुनौती दी गई थी।






