*नवकारसी विवाद: ‘स्क्रिप्टेड कहानी’ पर उठे सवाल, न्यासियों की मांग पर अटका मामला*
इंदौर। शहर में महावीर जन्म कल्याणक दिवस नवकारसी आयोजन को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस प्रकरण में एक नया पहलू सामने आया है, जिसमें महासंघ नेतृत्व की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। न्यासियों की ओर से यह मांग लगातार उठ रही है कि आखिर बैठक के दौरान “स्क्रिप्टेड कहानी” क्यों प्रस्तुत करवाई गई और उसी आधार पर निर्णय कैसे ले लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, न्यासियों और पदाधिकारियों की बैठक में इवेंट प्रबंधन से जुड़े पक्ष द्वारा घटनाक्रम को एकतरफा ढंग से प्रस्तुत किया गया। आरोप है कि इस प्रस्तुति को पहले से तैयार “स्क्रिप्ट” के रूप में रखा गया, जिससे पूरे विवाद की दिशा प्रभावित हुई। इसके बाद महासंघ नेतृत्व ने अगले वर्ष नवकारसी आयोजन को अपने बैनर तले कराने का निर्णय सुना दिया, जिस पर अब प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
मामले को और गंभीर तब माना जा रहा है जब आयोजन से जुड़ी अष्टमंगल इवेंट सोल्यूशन कंपनी ने लिखित रूप में अपनी गलती स्वीकार की है और श्री नाकोड़ा जैन कांफ्रेंस से क्षमायाचना की । इस स्वीकारोक्ति के बाद कई नए सवाल खड़े हो गए हैं । यदि त्रुटि इवेंट कंपनी की थी, तो बैठक में एकतरफा कहानी क्यों रखी गई? और उस पर आधारित निर्णय क्यों लिया गया?
समाज के जागरूक वर्ग का कहना है कि इस तरह के घटनाक्रम से भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है और पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उनका मानना है कि समाज का संचालन समता, समन्वय और समावेश के सिद्धांतों पर होना चाहिए, न कि पूर्वाग्रह या कूट रचित कथाओं के आधार पर।
वहीं, न्यासियों की मांग है कि महासंघ नेतृत्व इस पूरे प्रकरण पर स्पष्ट और सार्वजनिक स्पष्टीकरण दे तथा सभी पक्षों को साथ लेकर विवाद के समाधान की पहल करे। फिलहाल, नेतृत्व की ओर से इस मुद्दे पर कोई ठोस प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे असंतोष और बढ़ता जा रहा है।
अब देखना होगा कि महासंघ नेतृत्व इस बढ़ते दबाव के बीच पारदर्शिता अपनाते हुए स्थिति स्पष्ट करता है या विवाद और गहराता है।






