जनगणना के बाद ही होगा परिसीमन, महिला आरक्षण लागू होने में और देरी के आसार

जनगणना के बाद ही होगा परिसीमन, महिला आरक्षण लागू होने में और देरी के आसार*
परिसीमन से जुड़ी प्रक्रिया अब अगली जनगणना के बाद ही आगे बढ़ेगी। भले ही इससे संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका हो, लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 अभी भी प्रभावी बना हुआ है। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार, यदि सरकार कोई नया बदलाव नहीं करती है, तो परिसीमन 2026 की जनगणना के बाद ही संभव होगा। दरअसल, 2001 में लागू 84वां संविधान संशोधन अधिनियम के तहत 1971 की जनगणना के आधार पर लोकसभा और विधानसभाओं में सीटों की कुल संख्या पर लगी रोक को 2026 तक के लिए बढ़ा दिया गया था। ऐसे में अब अगली जनगणना और उसके आधार पर होने वाले परिसीमन का इंतजार करना होगा। इसका सीधा असर महिला आरक्षण पर भी पड़ेगा, क्योंकि परिसीमन के बिना इसे लागू करना संभव नहीं है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए 2029 तक भी महिला आरक्षण लागू होना मुश्किल माना जा रहा है। हालांकि, 2026 के बाद सीटों की संख्या बढ़ाने पर लगी संवैधानिक रोक हट जाएगी। इसके बाद सरकार जनसंख्या के आधार पर नए सिरे से परिसीमन कर सकेगी। इसके लिए बनाए जाने वाले कानून को संसद में पारित कराने के लिए केवल सामान्य बहुमत की आवश्यकता होगी।

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