*वास्ता देकर वास्तविकता से बचने की कवायद -अन्ना दुराई

*वास्ता देकर वास्तविकता से बचने की कवायद !*

*-अन्ना दुराई*

यदि आपने ये किया तो इसके लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। वो किया तो इसके लिये आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। सरकारी महकमों से ये चेतावनी अक्सर आम आदमी सुनता रहता है। सड़क पर निकलें तो कदम कदम पर चेतावनी। सरकारी दफ्तरों में जाएं तो भिन्न भिन्न किस्म की चेतावनियां हर समय। आपने ये भरा की नहीं, आपने ये जमा किया कि नहीं। ये करो नहीं तो ऐसा हो जाएगा, वो करो नहीं तो वैसा हो जाएगा। कहने से तात्पर्य है कि हमारे यहां मौके बेमौके आम जनता को जिम्मेदार ठहराने के कई तरीके हैं लेकिन कई मामलों में जो असल में जिम्मेदार है, वे साफ बच निकलते हैं। कितनी भी विफलताएँ नजर आए, सरकार और उनके नुमाइंदों की जिम्मेदारी या जवाबदेही का हमारे यहां कोई पैमाना नहीं है। ये आते हैं सेवक बनकर लेकिन बादशाहत है कि जाती नहीं। अपने वाजिब हकों के लिए भी आमजन यहां वहां हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते नजर आते रहते हैं।

आज संपूर्ण विश्व युद्ध की विभीषिका झेल रहा है। भारत पर इसका गहरा असर दिखने लगा है। आम आदमी का जीवन यापन दूभर हो रहा है। हर चीज महंगी हो रही है। ऐसे में जिम्मेदारी लेकर जनता को राहत देने की बजाय देश के नाम पर दुहाई का समय आ गया है। जब भी विपरीत परिस्थितियाँ आती है। हर मायने में कुछ अच्छा न होने के आसार जब खत्म होने लगते हैं तो हमारे यहाँ आम आदमी को एक जिम्मेदार नागरिक होने का अहसास कराया जाने लगता है। देश प्रेम के नाम पर उससे तरह तरह की अपेक्षाएँ की जाने लगती है। बार बार उसे वास्ता दिया जाने लगता है। क्या इतना सहन या वहन नहीं कर सकते। वैसे ही कई तरह की मार झेल रहा आम आदमी देश हित के नाम पर जुट जाता है। देखा जाए तो लाखों करोड़ों नागरिकों पर गिने चुने लोग अपने फैसले थोपते हैं। क्या सही, क्या गलत कोई जिम्मेदारी नहीं। उनके फैसलों पर टिका टिप्पणी को भी पाप की श्रेणी में डाल दिया जाता है। वास्ता देकर वास्तविकता से मुंह मोड़ने की बजाय सरकार को स्वयं की जवाबदेही भी तय करना चाहिए। आम आदमी से तरह तरह के नियम बनाकर लेने ही लेने की बजाय पहले उसके लिए समस्या और परेशानी मुक्त वातावरण देने पर ध्यान देना चाहिए। सिर्फ ढोलने ही ढोलने की बजाय कुछ जिम्मेदारियों को अपने ऊपर भी ओढ़ना होगा। जनता तो मुसीबत में भुखे पेट भी सो जाएगी। सोचना तो सरकार और सरकारी नुमाइंदों को है।

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