*बजट में नए टैक्स नहीं, लेकिन व्यापारियों को ठोस राहत की दरकार*
इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स इंड्रस्ट्रीज के संयुक्त सचिव अक्षय जैन ने बजट को “मिश्रित संदेश” वाला बताया है।
अक्षय जैन ने कहा कि बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाना व्यापारियों के लिए राहत की बात है। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम व्यापार-अनुकूल वातावरण बनाए रखने का सकारात्मक संकेत देता है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बजट में व्यापारियों के लिए विशेष राहत पैकेज, एमएसएमई के लिए ठोस प्रावधान या मार्केट शुल्क में कमी जैसे मुद्दों पर स्पष्ट घोषणाएं सामने नहीं आई हैं। “आज जब छोटे दुकानदार बढ़ती लागत, टैक्स प्रक्रियाओं की जटिलता और बाजार की प्रतिस्पर्धा से जूझ रहे हैं, तब उन्हें सीधी राहत की अपेक्षा थी,” जैन ने कहा।
उन्होंने सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे और निवेश को बढ़ावा देने की मंशा का स्वागत किया और कहा कि इससे दीर्घकाल में व्यापार और रोजगार को गति मिल सकती है। लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि “व्यापार की असली मजबूती तब आएगी, जब जमीनी स्तर पर टैक्स प्रक्रियाएं सरल हों, लाइसेंसिंग आसान हो और छोटे कारोबारियों की लागत घटे।”
अक्षय जैन ने कहा कि व्यापारी समुदाय चाहता है कि उनकी आवाज नीति-निर्माण में प्रभावी रूप से शामिल हो, ताकि बाजार व्यवस्था और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित हो सके।
बजट पर नजर
राज्य सरकार ने बजट में विकास, कृषि, निवेश और सामाजिक क्षेत्र पर फोकस किया है। बजट का आकार लगभग ₹4.80 लाख करोड़ के आसपास बताया जा रहा है।
व्यापारी संगठनों का मानना है कि यदि आने वाले समय में व्यापारिक सुधारों को लेकर ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो बाजार की सूरत और राज्य की अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलेगी।






