संत श्री नीलेश मुनि और हार्दिक हुंडिया जैन धर्म में तहलका मचा देंगे


*संत श्री नीलेश मुनि और हार्दिक हुंडिया जैन धर्म में तहलका मचा देंगे*

सागर में मोती की तरह,
सोने की खूबसूरती की तरह,
हीरे की चमक की तरह,
चांदी की तटस्थता की तरह,
जो खूबियां हार्दिक हुंडिया को पहचानती हैं और नदी की तरह पवित्र, संयम के रास्ते पर चलने वाले, सबके प्यारे, परम ज्ञानी गुरुदेव नीलेश चंद्र मुनि, यह एक अद्भुत मेल है, जन कल्याण पक्ष की असली पहचान है।
संत श्री नीलेश विजयजी और शिष्य हार्दिक हुंडिया के नेक विचारों का मिलन, उन्होंने अबोल जीवों की रक्षा के लिए जो शंखनाद किया है, जन कल्याण ही लोगों का कल्याण है। धर्म की रक्षा के लिए बिडां उठाया है। पूज्य गुरुदेव श्री नीलेश विजयजी और जन कल्याण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया अपने जीवदया के कार्य, धर्म के कार्य, सनातन धर्म की रक्षा समेत कई मुद्दों को लेकर मैदान में उतरे हैं और उनके इस नेक काम से जैन समाज में तहलका मच जायेगा।
इसका मुख्य कारण यह है कि वे सिर्फ़ और सिर्फ़ अबोल जीवों की जान की रक्षा के लिए, सनातन धर्म के लिए हैं और मुंबई में कबूतरों की दुर्दशा को रोकने और उनके कबूतरखाने को फिर से शुरू करने का उनका काम एक उम्दा का कार्य है। इसमें लालच, मोह के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने लोगों की रक्षा का संकल्प लिया है। इस जन कल्याण पार्टी ने देश के बेन-बेटियों की रक्षा का वादा किया है, श्री नीलेश विजयजी इस पार्टी के प्रेरणास्रोत हैं जो गाय माता को राष्ट्रमाता का खिताब दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। एकमात्र लक्ष्य इस देश के शांति के प्रतीकों को बचाना है, जो बिना दाना -पानी के तड़प तड़प कर मर रहे हैं, जन कल्याण पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट हार्दिक हुंडिया राजनीति में कदम रख चुके हैं और आने वाले म्युनिसिपल कोर्पोरेशन चुनावों में कबूतरों को न्याय दिलाने के लिए मैदान में उतरेंगे।
मानवी से महावीर बनने के सफ़र का एक बेहतरीन उदाहरण हैं श्री नीलेश विजयजी।उन्होंने सिर्फ़ सात साल की उम्र में एक मराठी परिवार से जैन धर्म की दीक्षा ली। क्योंकि विश्व वंदनीय जैन धर्म के नियम, जो धर्म को समर्पित है, जीवन की जो परिभाषा भगवान महावीर स्वामी ने दी है कि जियो और जीने दो, प्राणि मात्र की रक्षा करो, उन्होंने इसी परम संयम के रास्ते को अपनाया है। अपनी बातों पर तटस्थ और अडिग रहने वाले गुरुदेव किसी के आगे झुकते नहीं,वे चुस्त रुप से मानते ​​है कि परमात्मा का यह साधु वेश सिर्फ़ कपड़ा नहीं हैं, यह दंड केवल दिखावटी नहीं है। यह चरीत्र का आईना है और आईना कभी झूठ नहीं बोल सकता, उसमें जो सच्च दिखेगा वही समाज को दिखेगा। और धर्म का सच्चा ज्ञान लोगों तक पहुंचे, इसके लिए हमें अपना चरित्र बेदाग रखना होगा और संयम बनाए रखना होगा।जब भी धर्म की बात आती है, जब धर्म पर कोई आपत्ती आती है, तो शासन की सेवा में श्री नीलेश विजयजी आक्रामक रुख अपनाते हैं और धर्म की रक्षा करते हैं। ट्रस्टियों के आपसी मतभेद के कारण अंधेरी का मंदिर तीन दिन तक बंद रहा। जब स्टार रिपोर्ट मैगज़ीन के एडिटर-इन-चीफ़ और जन कल्याण पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट हार्दिक हुंडिया को इस बारे में पता चला, तो उन्होंने नीलेश विजयजी से बातचीत की, गुरुदेव एक उग्र विहार के बाद आए और उन्होंने वहाँ मौजूद लोगों को भरोसा दिलाया कि दादा के मंदिर के ताले खोल दिए जाएँगे और उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए जमकर विरोध किया और आखिरकार सुबह 3 बजे मंदिर के ताले खोल दिए और धर्म की जय जय कार के नारे लगाए।मुंबई शहर में अचानक कोर्ट ने कबूतरखाने तोड़ने का ऑर्डर दिया। जीवदया प्रेमी हार्दिक हुंडिया और नीलेश विजयजी का दिल दहल गया। अरे! इस देश के शांति के प्रतीकों का यह हाल ? उनके दिल रोने लगे।
पक्षी रो रहे थे, हमारी पुकार सुनो।
संत नीलेश मुनि का दिल द्रवित हो गया, उन्होंने इन अबोल जीवों की पुकार सुनी और हार्दिक हुंडिया समेत जीवन के प्रेमियों से बातचीत की और
जन कल्याण पार्टी का जन्म हुआ। परम जीवदया प्रेमी, कलम प्रहरी हार्दिक हुंडिया को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी दी गई और उन्होंने प्रण लिया कि अगर जीव बचेंगे तो, धर्म बचेगा, और ध‌र्म बचेगा तो सनातन की जीत होगी।राष्ट्रीय अध्यक्ष हार्दिक हुंडिया अपने वीडियो मैसेज में लोगों को जन कल्याण पार्टी से जुड़ने के लिए अपील करते हुए कहा की मैसेज और विडियो संदेश से वे प्रचार कर रहे हैं | हर वीडियो संदेश में लोगों की सेवा, अबोल जीवों की रक्षा और धर्म की रक्षा हैं। सभी जीवों का कल्याण ही एकमात्र निर्णय है। जन कल्याण, जन कल्याण,
आओ नई मुहिम से जुड़ें, कुछ करने का जुनून, जीवों के लिए दया,देश के लिए जागो, अभी जागो, बेगुनाहों की जान के लिए, समाज की भलाई के लिए, जन कल्याण, जन कल्याण, हार्दिक हुंडिया ने समाज के लिए, सकारात्मक और सत्य के लिए लड़ने वाले इंसान हैं। वे भगवान महावीर स्वामी के संदेश को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए ऑल इंडिया जैन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन बनाकर शासन की सेवा कर रहे हैं। अपनी बेहतरीन लेखनी से वे समाज को सच्चाई से वाकिफ कराते हैं। वे अबोल जीवों की भलाई के लिए हमेशा एक्टिव रहते हैं। वे कबूतरों को इंसाफ दिलाने के लिए लगातार कोशिश करते रहते हैं। उनके बारे में हम खास बात यह कहेंगे कि जैन धर्म के प्रणेता नीलेश मुनि पत्रकारों के लिए प्रेरणास्रोत हार्दिक हुंडिया और जन कल्याण पार्टी का उदय। इन तीनों अहम रोल मासूमों की जान की रक्षा के साथ-साथ सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक बड़ा आह्वान हैं।जनता के अपार समर्थन से वे इतिहास रचेंगे।
जैन धर्म के अणगार श्री नीलेश मुनि कि प्रेरणा से कलम प्रहरी अबोल जीवों की रक्षा के लिए राजनीति में प्रवेश कर के चुनाव लड़ेंगे और जैन धर्म में तहलका मचाएंगे इसमें कोई संदेह नहीं है।

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