*इंदौर एयरपोर्ट पर लगेगी टाइगर की 36 फीट चौड़ी और 23 फीट ऊंची पेटिंग, जिसे 96 हिस्सों में तैयार करेंगे 50 हजार आम लोग*
*एयरपोर्ट सहित पूरे प्रदेश में तैयार हो रहे अलग-अलग कैनवास के पीस*
– वन विभाग द्वारा बाघों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे बाघ बनाएं, मिलकर बाघ बचाएं अभियान के तहत तैयार की जा रही पेटिंग, एयरपोर्ट प्रबंधन ने दी पेटिंग लगाने की मंजूरी
इंदौर। इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर 36 फीट चौड़ी और 23 फीट ऊंची टाइगर की विशाल पेटिंग लगाई जाएगी। इसे 29 जुलाई को इंटरनेशनल टाइगर डे के अवसर पर प्रदर्शित किया जाएगा। खास बात यह है कि इस यह पेंटिंग 96 पेटिंग्स के टुकड़ों से मिलकर तैयार होगी और इसे 50 हजार लोगों द्वारा बनाया जाएगा।
इंटरनेशनल टाइगर डे के अवसर पर वन विभाग द्वारा अपने ही एनजीओ एमपी टाइगर फाउंडेशन सोसायटी सहित कुछ अन्य एनजीओ के साथ मिलकर टाइगर संरक्षण को लेकर आओ बाघ बनाएं, मिलकर बाघ बचाएं अभियान के तहत यह पेटिंग तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य लोगों को बाघों संरक्षण को लेकर जागरूक करना है। इसके लिए वन विभाग के डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट भोपाल रजनीश कुमार सिंह अपनी टीम के साथ कुछ समय पहले इंदौर आई थी। उन्होंने बताया कि हम चाहते हैं कि इसे ज्यादा से ज्यादा लोग देखें, इसलिए हम इसे इंदौर एयरपोर्ट पर लगाने के लिए हमने एयरपोर्ट डायरेक्टर अर्यमा सान्याल से इस अभियान की जानकारी देते हुए अनुमति मांगी थी और उन्होंने इसकी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
96 कैनवास 50 से ज्यादा शहर-गांव और 50 हजार से ज्यादा लोग –
प्रिंसिपल चिफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट डॉ यू. प्रकाशम ने बताया कि इस अभियान से वन विभाग ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ना चाहता है, इसके लिए इस पेटिंग को पूरा करने के लिए कुल 96 केनवास तैयार किए गए हैं, जिस पर मूल पेटिंग का स्केच है। इसे 50 से ज्यादा गांव और शहरों में जाकर लोगों से तैयार करवाने के लिए 27 मई से अभियान शुरू किया गया है। शनिवार-रविवार को इंदौर में भी एयरपोर्ट सहित 9 स्थानों पर यह एक्टीवीटी की गई। बाध ना सिर्फ एक वन्य जीव है बल्कि एक हेल्दी ईको सिस्टम का प्रतिक भी है। इसलिए इस पेटिंग के लिए पेड-पौधे और जीव-जंतुओं के कई स्टाम्प्स (मोहरें) तैयार करवाई गई है। लोग इससे जुड़ें इसलिए वे अपने पंसद की मोहर को रंग में भीगाकर केनवास इसे लगाते हैं, जिससे उन्हें इस पेटिंग के साथ बाघ संरक्षण से जुड़ने की भावना पैदा होती है। हर कैनवास पर 500 से ज्यादा मोहर लगाने पर पेटिंग पूरी होती है, इस तरह 96 कैनवास के माध्यम से 50 हजारों लोगों को इससे जोड़े जाने का लक्ष्य है।
एयरपोर्ट के अराइवल हॉल में लगाई जाएगी पेटिंग –
एयरपोर्ट डायरेक्टर सान्याल ने बताया कि हमने वन विभाग को इस पेटिंग को इंदौर एयरपोर्ट पर लगाने की मंजूरी दे दी है। इस पेटिंग को अराइवल हॉल में लगाया जाएगा। इस पेटिंग को बनाने के लिए इंदौर एयरपोर्ट पर भी एक्टीवीटी आयोजित की गई थी, जिसमें कई यात्रियों ने भाग भी लिया और अपनी मोहरें लगाकर पेटिंग तैयार करने में मदद की।
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