ये एक चमत्कार , आप की जिंदगी में रोशनी भर देगा , बस एक बार मिच्छामी दुक्कड़म बोल के देखो : हार्दिक हुंडिया

ये एक चमत्कार , आप की जिंदगी में
रोशनी भर देगा , बस एक बार मिच्छामी दुक्कड़म बोल के देखो : हार्दिक हुंडिया

*जीवन में क्षमा से बड़ा कोई पर्व नहीं है*

भारत देश संतो और महंतों की भूमि , एक से बढ़कर एक धर्म और धर्म की जानकारी जब हम अपने जीवन में उतारते है तो हमारा जीवन जीनें की जो कला वो हमारी संस्कृति की तारीफ़ पूरी दुनिया में होती है ।

*देश का प्राचीन जैन धर्म का सब से बड़ा हमारा पवित्र दिन यानी पर्वाधिराज पर्युषण महा पर्व का आज का सावंतसरी महा पर्व*

जैन शासन के चौबिस्सवे तीर्थंकर परमात्मा महावीर देव ने चंडकौशिक नाम के विकराल स्वरूप नाग को बूज़ बूज़ चंडकौशिया कर के , उनका डंख ख़ाकर भी उनको प्रतिबोध किया , उनका जीवन संवारा । *चंड कौशिक ने पैर में डंख दिया , जहाँ खून की धारा बहनी थी वहाँ दूध की धारा बही ऐसे करुणा के सागर प्रभु महावीर के हम भक्त* महावीर ने एक अबोल जीव को प्रतिबोध कर के उनके भव को सुधार दिया । हम भगवान महावीर के भक्त है तो हमारे मन में वेर भाव क्यों ?

*चंडकौशिक जैसे सर्प के ज़हर उतारने वाले हे प्रभु , ज़हर हमारे भी उतारना*

*हार्दिक हुंडिया की आप से बिनती है की यदि आप जिंदगी में चमत्कार देखना चाहते हो तो , आप का कैसा भी दुश्मन हो ?, अभी अभी किसी के साथ या कई बरसो से जान से या अनजाने में कड़वाहट हुई हो , बोलचाल बंद हो , कोई छोटी सी भूल बहुत बड़ा विकराल स्वरूप ले लिया हो ऐसी परिस्थिति में आप वो आत्मा से जा के माफ़ी माँग लो । कह दो की भाई मेरे कारण कोई ऐसी गलती हुई हो जिस से तेरा दिल दुखा हो , हम दोनों के बीच जो गुस्से की खाई है वो आज से बंद करो , गलती मेरी है , तो मैं दिल से माफ़ी माँगता हूँ । अब से ऐसी कोई गलती हमारी ना हो की हमे मिच्छामि दुक्कड़म कहना पड़े*

बहुत मुश्किल से मनुष्य भव मिला है । गली के कुत्ते भी भो भो कर के एक हो जाते है तो , हम तो मनुष्य है । बुद्धि का खजाना है ।*आइये हम मिल के भगवान राम , महावीर , कृष्ण , नानक , बौद्ध , इशू , पयगंबर के प्यार के प्यारे संदेश को समजे , जीवन में उतारे और बिना दुश्मनी का प्यार भरा अनमोल जीवन जिये*

हार्दिक हुंडिया की आप सभी भारत माता के संतानों को दो हाथ जोड़ के बिनती है आज क्षमापना के अनमोल अवसर पर मेरे से कोई भी तकलीफ़ आप को हुई हो , दिल दुखा तो हो मैं माफ़ी माँगता हूँ , मिच्छामी दुक्कड़म ।

*आप भी जिस से आप की बोलचाल बंद हो उनसे एक बार प्यार से क्षमा माँग लीजिये, फिर देखिए वो चमत्कार जो आप ने कभी सोचा भी नहीं होगा की जिंदगी में इस से बड़ा कोई चमत्कार नहीं है । हम सभी सोचे , समजे और जीवन में उतारे की क्षमा से बड़ा कोई पर्व नहीं है जो हम सभी के जीवन में ख़ुशिया भर दे ये ही उच्च भावनाओ के साथ*

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