पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई की 230 वीं पुण्यतिथि पर
पूर्ण गरिमा, श्रद्धा व परम्परागत लाव लश्कर के साथ निकलेगी देवी अहिल्या बाई की पालकी यात्रा
, प्रातः अहिल्या बाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण सहित कई आयोजन होंगे
प्रातः देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा पर परम्परागत माल्यार्पण, इंद्रेश्वर महादेव मंदिर पर रुद्राभिषेक, दोपहर गुणीजन सम्मान तथा शाम को निकलेगी पालकी यात्रा
इंदौर। प्रातः स्मरणीय पुण्यश्लोका देवी अहिल्याबाई की 230 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार, 22 अगस्त को शहर में कई आयोजन देवी अहिल्या उत्सव समिति के तत्वावधान में संपन्न होंगे। भानपुरा मठ के शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ देवी अहिल्या पुण्य स्मरण समारोह में भाग लेने इंदौर पधार रहे हैं। वे प्रातः 8 बजे राजवाड़ा पर देवी अहिल्या की प्रतिमा को माल्यार्पण करेंगे तथा अपरान्ह गांधी हाल में संपन्न होने वाले सम्मान समारोह एवं पालकी यात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
प्रातः काल से प्रारम्भ
देवी अहिल्या उत्सव समिति की अध्यक्ष तथा पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन तथा पालकी यात्रा संयोजक सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि शुक्रवार, 22 अगस्त को प्रातः 8:00 बजे देवी अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा।प्रातः 9:00 गोपाल मंदिर में देवी अहिल्याबाई की चित्रपट प्रतिमा पर आह्वान किया जाएगा। प्रातः 10:00 बजे पंढरीनाथ चौराहा स्थित इंद्रेश्वर महादेव मंदिर पर रुद्राभिषेक का आयोजन देश की सुरक्षा, सम्मान व अच्छी वर्षा की कामना के साथ संपन्न होगा।
समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अशोक डागा व मंत्री शरयू वाघमारे ने बताया कि प्रातः आठ बजे देवी अहिल्या बाई की प्रतिमा पर शहर के गणमान्यजन माल्यार्पण करेंगे। इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी, केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सहित विधायकगण सहित वरिष्ठजन मौजूद रहेंगे।
उपाध्यक्ष सुधीर देड़गे, राम मूंदड़ा, प्रकाश पारवानी ने बताया कि गांधी हाल पर अपरान्ह 3.30 बजे सम्मान समारोह एवं पुरस्कार वितरण का आयोजन होगा। आयोजन के मुख्य अतिथि भानपुरा मठ के शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ होंगे एवं अध्यक्षता सुमित्रा महाजन करेंगी। शाम 5:30 बजे स्वामी जी एवं ताई भव्य पालकी में देवी अहिल्या की प्रतिमा को विराजित कर पूजन करेंगे। यहीं से परम्परागत लाव लश्कर के साथ पालकी यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि पालकी यात्रा मार्ग पर सभी मंच एक ओर लगेंगे। यात्रा में झंडा गुरु व्यायामशाला एवं मल्हारी मार्तंड व्यायामशाला के अखाड़े भी मौजूद होंगे। ये दोनों अखाड़े वर्ष में केवल इसी दिन उठते हैं। यात्रा में होलकर स्टेट के 14 राजाओं के प्रतीक 14 युवा तथा अहिल्या सेना के रूप में युवतियां परम्परागत वेशभूषा में घोड़े पर सवार रहेंगी। यात्रा में अहिल्या देवी के जीवन पर आधारित झांकी, अहिल्या स्मारक की झांकी, मराठी सोशल ग्रुप व लोक संस्कृति मंच द्वारा निर्मित आपरेशन सिंदूर की झांकियां भी मौजूद रहेंगी।
पालकी यात्रा सह संयोजक प्रेमप्रकाश वर्मा, मंदार महाजन, लोकेन्द्र वर्मा व आनंद कानड़कर ने बताया कि बोहरा समाज का बैंड, शस्त्र प्रदर्शन करते हुए दुर्गा वाहिनी, पुलिस बैंड, शंख बजाती बंगाली महिलाओं का दल भी इस यात्रा के आकर्षण का केंद्र रहेगी। जवाहर मंगवानी, प्रशांत बड़वे व विशाल गिदवानी ने बताया कि यात्रा एमजी रोड, कोठारी मार्केट, एमजी रोड थाना, कृष्णपुरा छत्रियां, बोझाकेट मार्केट, लक्ष्मी मंदिर, राजबाड़ा होते हुए गोपाल मंदिर पहुंचेगी।
पाउल भजन मंडली एवं शंख बजाती महिलाएं होंगी आकर्षण का केंद्र
समिति के ज्योति तोमर, मालासिंह ठाकुर, नीलेश केदारे व नितिन तापड़िया ने बताया कि पूरे पालकी मार्ग पर विभिन्न संस्थाओं द्वारा इस यात्रा का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया जाएगा।पाउल भजन मंडली एवं शंख बजाती महिलाएं आकर्षण का केंद्र होंगी। भव्य व सुसज्जित पालकी को श्रद्धालु अपने कांधे पर उठाकर चलेंगे। पालकी में देवी अहिल्या देवी की पूजन की हुई तसवीर भी मौजूद रहेगी। पालकी यात्रा का समापन गोपाल मंदिर में होगा जहाँ पूजन एवं महाआरती संपन्न होगी। साथ ही 230 वीं पुण्यतिथि के कार्यक्रमों को भी विराम लगेगा।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर की आम जनता से अपील की है कि प्रातः स्मरणीय
देवी अहिल्या बाई की इस पालकी यात्रा में श्रद्धापूर्वक शामिल होकर, इस आयोजन को सफल बनाएं।






