इंदौर और उज्जैन के बीच परिवहन को और अधिक सुगम व तीव्र बनाने के लिए इंदौर-उज्जैन मेट्रो परियोजना पर तेज़ी से काम किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा लगभग 20 हेक्टेयर (करीब 49.7 एकड़) भूमि पर मेट्रो डिपो निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इंदौर व उज्जैन के आसपास पर्याप्त सरकारी भूमि न होने की वजह से डिपो के लिए सांवेर के नजदीक रेवती क्षेत्र को उपयुक्त विकल्प माना जा रहा है। हालांकि कॉर्पोरेशन निजी जमीन के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है, लेकिन प्राथमिकता सरकारी भूमि के उपयोग को दी जा रही है।
कॉर्पोरेशन के लिए निजी भूमि की तुलना में सरकारी जमीन प्राप्त करना अपेक्षाकृत सरल प्रक्रिया है। सरकार आवश्यकता अनुसार किसी अन्य विभाग की भूमि कॉर्पोरेशन को आवंटित कर सकती है और उस विभाग को वैकल्पिक स्थान पर जमीन दी जा सकती है। दूसरी ओर, निजी भूमि अधिग्रहण में कई जटिलताएं होती हैं। इतनी बड़ी भूमि एक ही स्थान पर उपलब्ध नहीं होती, और इसे कई किसानों से मिलाकर जुटाना पड़ता है, जिसमें सहमति लेने में समय लगता है। इसके बाद मुआवज़े की प्रक्रिया भी अपनानी होती है, जिससे परियोजना की गति प्रभावित हो सकती है। कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि डिपो निर्माण के लिए भूमि की तलाश जारी है, और इसके लिए रेवती क्षेत्र को प्रस्तावित किया गया है।
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