फुटपाथ माफिया के खिलौने बनना महंगा साबित हुआ धर्मेंद्र बेस को

*फुटपाथ माफिया के खिलौने बनना महंगा साबित हुआ धर्मेंद्र बेस को*

नगर निगम रिमूव्हल विभाग में पांच दिन पहले ही रिमूव्हल सुपर वाइजर बने धर्मेंद्र सिंह बेस को राजबाड़ा के फुटपाथ माफिया के खेल में उलझ गए। धर्मेंद्र बेस के आने से स्वतंत्र तौर पर फुटपाथ सड़को पर बिछा जिसकी इंटरनेट मीडिया ओर सोशल मीडिया में प्रसारण होने लगा तो फुटपाथ माफिया ने सुपरवाइजर धर्मेंद्र बेस को बताया कि आप दुकानदारों को डराए ताकि ये मीडियाबाजी बंद हो जाए।
धर्मेंद्र सिंह बेस पूरी तरह फुटपाथ माफिया के अनुसार ही अपनी रिमूव्हल टीम को लेकर निकल पड़े । इन्हें दलालों ने जो नाम दिए उन्हें टारगेट करते हुए कार्यवाही को अंजाम दिया । बस धर्मेंद्र सिंह बेस के इशारे पर प्रभात प्लाजा की दुकान के अंदर से रखी डमिया जब्ती की कार्यवाही कर दी ।
*दुकानों के सीसी कैमरे ने खोल दी कहानी*

सबसे बड़ी बात हे कि राजबाड़ा क्षेत्र की अधिकाशं दुकानें सीसी कैमरे से युक्त है यह बात धर्मेंद्र बेस को नहीं मालूम थी ओर यहां उनकाद्वेष पूर्ण कार्यवाही करना साबित हो गया। निगम अपर आयुक्त लता अग्रवाल वीडियो को देख ही प्रथम दृष्टया मान बैठी यहां उनकी टीम गलती में है। व्यापारियों ने कहा कि है तो हमारे ही संगठन ने पुरजोर ढंग से फुटपाथ हटवाने के आंदोलनकर्ता रहे है । नगर निगम कर्मियों की मिलीभगत ही फुटपाथ लगवाती है और ऐसी परिस्थितियां बन जाती है। नवागत सुपर वाइजर धर्मेंद्र सिंह बेस का राजबाड़ा के चौराहे पर फुटपाथ माफिया स्वागत भी उनके लिए मुसीबत बन गया।

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