AAP की हार से संजीवनी तलाश रही कांग्रेस, दिल्ली में वापसी की उम्मीद*
दिल्ली विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार खाता खोलने में असफल रही कांग्रेस को अपनी हार से ज्यादा आम आदमी पार्टी (AAP) के खराब प्रदर्शन से राहत मिली है। पार्टी को उम्मीद है कि AAP के सत्ता से बाहर होने से उसे भविष्य में फिर से उभरने का मौका मिलेगा कांग्रेस के मुताबिक, AAP के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने का निर्णय सही था, जिससे उसका वोट प्रतिशत बढ़ सके। 2008 में 40.31% वोट पाने वाली कांग्रेस 2020 में सिर्फ 4.26% वोट पर सिमट गई। वहीं, AAP को 2013 में 29.49%, 2015 में 54.34% और 2020 में 53.57% वोट मिले थे। इंडिया गठबंधन में भी सीट बंटवारे को लेकर असहमति रही। कांग्रेस ने AAP से समझौता नहीं किया, जबकि कई विपक्षी दल इसे भाजपा की बढ़त के लिए जिम्मेदार मानते हैं। राहुल गांधी ने हार को विनम्रता से स्वीकारते हुए कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण, बिजली, सड़क, पानी और विकास के मुद्दों पर पार्टी संघर्ष जारी रखेगी।






