*पर्यूषण पर्व आत्म साक्षात्कार का विशेष अवसर है*
जो मनुष्य पृथ्वी की तरह क्षमाशील होता है वह दुख के क्षणों को भी सुख में बदल देता है , क्रोध को हजम करना और क्षमा को धारण करना महान तप है , एक माह तक भूखा रहना सरल है किंतु क्रोध पर विजय पा लेना दुष्कर कार्य है , पर्यूषण पर्व के अवसर पर श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर छावनी में टीकमगढ़ निवासी बाल ब्रम्हचारी संजय भैया ने अपने प्रवचन में कहा कि पर्यूषण पर्व आत्म साक्षात्कार का विशिष्ट अवसर है हम इस अवसर पर स्वयं का स्वयं से परिचय करते हैं अर्थात स्वयं के द्वारा स्वयं को देखना
आत्मा दिव्य स्वरूप है उसे पर पर्दा छाया हुआ है पर्यूषण पर्व इस पर्दे को हटाने का एक विशेष आत्म चिंतन का अवसर है
मीडिया प्रभारी ज्योतिषाचार्य एमके जैन ने बताया कि पंचायती मंदिर छावनी में रविवार को तीनों मंजिल पर विराजमान प्रतिमाओं की शांति धारा के बाद उत्तम त्याग धर्म , सोलहकारण धर्म , नवदेवता पूजन प्रवीणराय बिलाला एवं देवेंद्र सेठी के निर्देशन में हुई इसी क्रम में सोमवार को उत्तम आकिंचन एवं मंगलवार को उत्तम ब्रह्मचर्यकी पूजा श्रावक श्राविकाओं द्वारा की जाएगी , बुधवार को क्षमावणी पर्व के अवसर पर क्षमावणी पूजन एवं छावनी के दोनों जैन मंदिरों में शाम को विशेष अभिषेक होंगे तत्पश्चात सभी समाजजन एक दूसरे से विगत वर्ष हुई भूलों के लिए क्षमा याचना करेंगे , आज की पूजन में सुनील शाह , आशीष पाटनी , देवेंद्र डोसी , सूरज चंदवाड़ , पंकज पटौदी , अंकुर दोषी , मंजू जैन , उषा डोसी विशेष रूप से उपस्थित थे






