खून के थक्के जमने के मामले आधी फीसदी से भी कम

खून के थक्के जमने के मामले आधी फीसदी से भी कम*
भारत में कोरोना टीका और टीकाकरण की तस्वीर ब्रिटेन से अलग है। ब्रिटेन के कोर्ट में एस्ट्राजेनेका ने कुछ दुर्लभ मामलों में प्रतिकूल प्रभावों (जैसे खून के थक्के जमने) की पुष्टि की है। भारत में टीकाकरण के बाद खून के थक्के के केस कुल टीकाकरण की तुलना में आधी फीसदी (0.5) भी नहीं मिले हैं। प्रतिकूल प्रभावों में से 60 फीसदी से अधिक के लिए टीकाकरण को लेकर डर, इंजेक्शन फोबिया जैसे तनाव व कुछ अन्य बीमारियां जिम्मेदार रही हैं। ये आंकड़े टीकाकरण के प्रतिकूल प्रभाव की जांच लिए गठित राष्ट्रीय समिति की रिपोर्ट के हैं। 2021 से 2023 के बीच समिति ने 16 अलग-अलग बैठक में कुल 1,681 प्रतिकूल मामलों की समीक्षा की। ये सभी मामले कोविशील्ड या कोवाक्सिन टीका की खुराक लेने के बाद तबीयत बिगड़ने पर अस्पतालों में दाखिल हुए लोगों से जुड़े थे। इनमें 520 लोगों की उपचार के दौरान मौत भी हुई।

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