*वन भारत अभियान के तहत आत्मनिर्भर नारी, गर्व से पहने साड़ी के ध्येय को लेकर इंदौर में हुआ अनूठा आयोजन*
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*हजारों महिलाओं ने परम्परागत वेषभूषा(साड़ी) के वाकेथॉन कार्यक्रम में हिस्सा लिया – बना वर्ल्ड रिकार्ड*
इंदौर 07 मार्च 2024
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय परिधान साड़ी स्त्रीत्व, गरिमा और आत्मविश्वास का प्रतीक है। यह भारत का, भारत के लिए, भारत के द्वारा बना परिधान है। हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की तरह ही साड़ी भी भारत की ब्रांड और एक सशक्त पहचान है। साड़ी विविधता से भरे भारत को एकाकार कर देने वाला परिधान भी है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में अलग-अलग क्षेत्रों में साड़ियों का भिन्न-भिन्न रंग रूप है, पर आत्मा एक है। साड़िया देश के विविध रंगों और संस्कृतियों को खुद में समेटे हुए है। साड़ी समाज के हर वर्ग का परिधान है, हर अवसर में अनुकूल है, सामाजिक समरसता का परिचायक भी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष उपस्थिति में आज इंदौर में वन भारत अभियान के तहत “आत्मनिर्भर नारी, गर्व से पहने साड़ी” के ध्येय को लेकर अनूठा आयोजन हुआ। इस आयोजन में लगभग 40 हजार महिलाओं ने परम्परागत वेषभूषा(साड़ी) में वाकेथॉन कार्यक्रम में भाग लिया। इस कार्यक्रम को वर्ल्ड बुक रिकार्ड में दर्ज करने का प्रोविजनल प्रमाण पत्र मुख्यमंत्री जी ने संबंधित विभाग के मंत्री श्री दिलीप जायसवाल को सौंपा। इस अवसर पर केन्द्रीय वस्त्र एवं रेल राज्यमंत्री श्रीमती दर्शना जरदोश भी विशेष रूप से मौजूद थी। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री दिलीप जायसवाल, सांसद श्री शंकर लालवानी तथा सुश्री कविता पाटीदार, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री महेन्द्र हार्डिया, श्री रमेश मेंदोला, श्रीमती मालिनी गौड़, श्री मधु वर्मा तथा श्री गोलु शुक्ला, श्री गौरव रणदीवे सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे ।






