ऊर्जा बुद्धि और धन को यदि सही दिशा ना मिले तो विनाश का ही काम करेगा उक्त विचार राष्ट्र संत कमल मुनि जी कमलेश ने संबोधित करते कहा कि कंस और कृष्णा राम और रावण गौतम और गौशालाक आदि का इतिहास साक्षी है
मुनि कमलेश ने बताया कि सब के साथ विवेक सम्यक ज्ञान का समावेश किया जाए तभी उत्थान और विकास संभव है
उन्होंने बताया कि जब तक समझ में बुद्धिमानों को सम्मान की निगाह से नहीं देखा जाएगा तब तक पूरी विश्व की संपत्ति मिलकर भी सुखचैन और शांति प्राप्त नहीं कर सकती
राष्ट्र संत ने कहा कि धन बल और बाहुबल हर क्षेत्र में हावी होने से उनके तले प्रतिभा दबाती जा रही है इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है
जैन संत ने कहा कि बुध्दिबल सर्वोपरि बाल है विश्व के हर समस्या का समाधान इसी के माध्यम से हो सकता है
उपाध्याय प्रवर श्री गौतम मुनि जी ने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से ही विश्व को प्रकाशित करके सच्ची शांति स्थापित की जा सकती है अनुष्ठान आराधिका महासचिव डॉक्टर कुमुद लता जी स्वर साम्राट महासती महाप्रज्ञा जी ने विचार व्यक्ति की कौशल मुनि जी ने मंगलाचरण किया घनश्याम मुनि जी ने महामंत्र का महत्व बताया






