दोनों साथियों की सहमति के बाद एक महीने के भीतर कराना होगा पंजीकरण*
लिव इन रिलेशनशिप में सहमति संबंध के बाद एक माह के भीतर अगर पंजीकरण नहीं कराया तो कानून सजा देगा। समान नागरिक संहिता में इसके प्रावधान किए गए हैं। वहीं, सहमति संबंध के दोनों साथियों में से कोई भी इस रिश्ते को खत्म कर सकता है। जिसकी सूचना उत्तराखंड विधानसभ सब रजिस्ट्रार को देनी होगी। यूसीसी में लिव इन रिलेशनशिप को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। इसके मुताबिक सिर्फ एक वयस्क पुरुष व वयस्क महिला ही लिव इन रिलेशनशिप में रह सकेंगे। वे पहले से विवाहित या किसी अन्य के साथ लिव इन रिलेशनशिप या प्रोहिबिटेड डिग्रीस ऑफ रिलेशनशिप में नहीं होने चाहिए।






