लंबे समय तक राजनीति की दिशा तय करेगा नया साल, अगर बीजेपी सरकार बनी तो एक देश एक चुनाव पर बढ़ेंगे कदम*
नए साल की शुरूआत लोगों के लिए सामान्यतया एक वर्ष की योजना तक सीमित होती है, लेकिन भारतीय राजनीति के लिए 2024 ऐसा साल होने वाला है जहां से यह तय होगा कि देश हर दूसरे तीसरे महीने चुनाव से गुजरेगा या फिर पांच साल में एक बार। समान नागरिक संहिता को लेकर लोगों की सोच स्थापित होगी और यह भी तय होगा कि जनता की पसंद ईज ऑफ लिविंग है या फिर रेवड़ी। सबसे बड़ी बात यह तय होगी कि जनता नेतृत्व को ज्यादा अहमियत देती है या राजनीतिक दल को। राजनीतिक दलों की सफलता के लिए नेतृत्व जरूरी है या नेतृत्व के लिए दल। एक महीने पहले पांच राज्यों के चुनाव के साथ ही चर्चा 2024 के लोकसभा चुनाव पर केंद्रित हो गई है। यूं तो तीन दशक के इतिहास को पलटकर 2014 से लगातार दो बार केंद्र में एक पार्टी की बहुमत की सरकार बन चुकी है, लेकिन 2024 इसलिए खास है, क्योंकि विपक्ष अपने अंतरविरोधों के बावजूद लामबंद होकर भाजपा के सामने खड़ा होने की तैयारी कर रहा है।






