*लाकडाउन से ज्यादा परेशानी का सामना कराता अनलॉक 01- 02*
93 दिनों के बाद इंदौर के रिटेल व्यापार आड़इवन ( सम विषम )
आधर पर खोलने की अनुमति मिली लेकिन बाजार से क्रेता नदारद है । इंदौर के व्यवसायिक ह्रदय स्थल बाजार राजबाड़ा , आड़ा बाजार , सीतलामाता बाजार , यशोदा माता मंदिर , जबरेश्वर मन्दिर राजबाड़ा सर्कल , एम जी रोड कोठारी मार्केट , बजाज खाना , सांठा बाजार गोराकुंड एरिया, बर्तन बाजार सहित खेरची व्यापार जहां लॉक डाउन से पहले सड़क का हर हिस्सा राहगीरों ओर खरीददारो से आबाद रहता रहा हो वहां सन्नाटा इस कदर पसरा है कि कोई एक खरीददार दिख जाता है तो व्यापारी की आंखों में चमक आ जाती है और वह ग्राहक स्वागत को आतुर हो उठ खड़ा होता है । लेकिन ग्राहक आभाव की कसक में व्यवसायिक संस्थान ओर उनका स्टाफ पर साफ नजर आती है। खजूरी बाजार में मई जून के माह कॉपी – किताब स्टेशनरी का बड़ा व्यापार पल्लवित होता आया है लेकिन अनलॉक 01- 02 की सूरते हाल व्यापार शून्य से होकर माइन्स शून्य का हो चला है । वही गारमेंट्स व्यववसाय से पहचाने जाना वाला राजबाड़ा जबरेश्वर महादेव मंदिर रोड, यशोदामाता मन्दिर रोड ग्राहकों का इंतजार में सुबह से शाम करते करते अब अवसाद की ओर जाता दिख रहा है। इस क्षेत्र का व्यापारी अब अनलॉक 01 – 02 पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट वालो का काम सड़को पर पाइप ओर सराफा इमामबाड़ा से रास्ता निकासी बंद होना व्यवस्याय के लिए अभिशाप साबित हो रहा है । 95 दिनों की तालाबन्दी के आर्थिक एक्सीडेंट से घायल अवस्था मे रहा और अब अनलॉक 01 02 के इस वक्त में गारमेंट्स व्यवसायियों का हालात खुला बाजार बिना ग्राहक का हो जाने से इस क्षेत्र के व्यवसायी मानिसक तनाव के गम्भीर रोग के शिकार हो सकते है। किराएब्कि दुकान से जीवन्यापण करने वाला दुकानदार अब अपने कारोबॉर्नको समेट ने की जुग्गत में है । उसके लिए किराया भार वहन करना दुभर हो गया है। रिव्हरसाइड एरिया से महंगे किराए की लगभग 70 दुकानें खाली हो चली है । वास्तवविक्ता में खेरची व्यापारी अब केवल भगवान भरोसे की राह पर खड़ा है ।






