भोपाल । सरकार की तीनों विद्युत कंपनियां एक बार फिर से ईमानदार मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं की जेब काटने की तैयारी कर रही है। कंपनियों द्वारा अपनी नाकामी छिपाने के लिए मौजूदा बिजली दरों में 12 से लेकर 16 फीसदी तक वृद्वि करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिसकी वजह से प्रदेश के 1.20 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर महगाई का करंट लगना तय है। प्रदेश सरकार 100 यूनिट खपत तक एक रुपए यूनिट में बिजली दे रही है। लेकिन, इससे ज्यादा उपयोग पर उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका लगेगा। तीनों बिजली वितरण कंपनियों ने अगले साल के लिए बिजली की दरों में वृद्धि का प्रस्ताव तैयार कर पॉवर मैनेजमेंट कंपनी को दे दिया है। यह कंपनी इसे अंतिम रूप दे रही है। प्रस्ताव 30 नवंबर तक जमा करना है। बिजली कंपनियां इस बार भी घाटे का हवाला दे रही हैं। जबकि, तीनों कंपनियों ने अगस्त में ही दर बढ़ाई थी। अब एक अप्रेल 2020 से नई दरों का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। इसमें अप्रेल से जुलाई 2019 तक के घाटे को भी कवर किया जा रहा है। क्योंकि, लोकसभा चुनाव के कारण तब बिजली दर बढ़ाने में देरी हो गई थी।
असर किस पर अधिक
सरकार ने इंदिरा गृह ज्योति योजना के तहत 100 यूनिट तक 100 रुपए बिल फिक्स किया है। इसके बाद 150 यूनिट तक अलग सब्सिडी वाली दर रखी गई है। जबकि, 151 यूनिट से सामान्य दर सभी उपभोक्ताओं पर लागू की जाती है। इस फॉर्मूले के तहत दर वृद्धि का असर 101 यूनिट से ज्यादा उपभोग करने वालों पर होगा। वहीं, 150 यूनिट से ज्यादा उपयोग करने वालों पर बोझ अत्यधिक बढ़ जाएगा।






