किसानों का आरोप एक कंपनी के लिए बनाया जा रहा है दवाब

किसानों का आरोप एक कंपनी के लिए बनाया जा रहा है दवाब
भोपाल । जहां कमलनाथ सरकार प्रदेश के किसानों के उत्थान के तमाम दाबे कर रही है, वहीं किसानों के लिए खेती-किसानी के लिए यंत्र का उपयोग नहीं कृषि महकमा उस यंत्र को खरीदने के लिए किसानों पर दवाब बना रहा है। बताते हैं कि इस यंत्र की कीमत करीब चार लाख रुपए रखी गई है।
जानकारी के अनुसार कई जिलों में किसानों ने महकमे के इस रवैया का विरोध किया है। इसके साथ जिलों के कृषि यंत्रियों ने अलग-अलग पत्र लिखकर किसानों की भावनाओं से मुख्यालय को अवगत कराया। इसके साथ ही अनुरोध किया कि उक्त कृषि यंत्र खरीदने की अनिवार्यता समाप्त की जाए, लेकिन संचालक कृषि यांत्रिकी ने मैदानी अधिकारियों के अनुरोध लीनिंग गे्रडिंग या ब्रेडिंग प्लांट खरीदने की शर्त जोड़ी को अस्वीकार कर श्रेणी (ब) के यंत्रों को समिलित करते हुए प्रोजेट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को स्वयं रोजगार उपलध कराने तथा खेती को सुगम बनाने के लिए लक्ष्य अनुसार कस्टम हायरिंग केन्द्र स्थापित करने होते हैं। प्रत्येक कस्टम हायरिंग केन्द्र में आवेदक किसान अपनी जरूरत के हिसाब से तय मशीनें लेते हैं, जो खेती-किसानी में सहायक होती है। कस्टम हायरिंग केन्द्र न्यूनतम दस लाख और अधिकतम 25 लाख तक की लागत से स्थापित किया जा सकता है।

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