*तिरुपति मंदिर: दीपावली पर तिरुपति के दर्शन खास, क्योंकि विष्णु को यहीं मिली थीं लक्ष्मी*
आंध्र प्रदेश के चित्तूर स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में दीपाेत्सव पर पारंपरिक वाद्ययंत्र नादस्वरम और ताविल की स्वर लहरियों के बीच मंत्र गूंज रहे हैं। मटकों के आकार वाले दीयों से महाआरती का दृश्य भाव-विभोर कर देता है। इन दिनों एक से डेढ़ लाख भक्त रोज आ रहे हैं। दीपावली पर यहां दर्शन का विशेष महत्व है। मान्यता है कि यहीं भगवान विष्णु को लक्ष्मीजी, पद्मावती के रूप में मिली थीं। विष्णु प्रतिमा में भी लक्ष्मी की झलक है। उनकी हस्तमुद्रा लक्ष्मी की ही तरह एेश्वर्य का वरदान देती हैै और शृंगार में भी उन्हें साड़ी पहनाई जाती है। आम दिनों में मंदिर में औसतन 65 हजार लोग प्रतिदिन पहुंचते हैं। सालभर में यह संख्या करीब 2.5 करोड़ हो जाती है। भक्तों की यह अपार श्रद्धा इस तीर्थ को दुनिया का सबसे दर्शनीय और समृद्ध मंदिर बनाती है। श्रद्धालुओं ने इस साल अप्रैल से अगस्त के पांच महीनों में 140 करोड़ नकद, 524 किलो सोना और 3098 किलो चांदी उन्हें अर्पित की।
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