एसबीआई के हजारों ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर लीक होने का दावा, जांच शुरू*
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के हजारों ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर लीक होने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर सिरियुसिम नामक हैकर समूह के पास करीब 3.8 लाख ग्राहकों का डेटा और 2,722 पीडीएफ दस्तावेज होने का दावा किया गया है। हालांकि, डेटा लीक के वास्तविक स्रोत और हैकिंग की पुष्टि अभी नहीं हुई है। बैंक के मुताबिक, उसे 16 अक्टूबर को थ्रेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रोवाइडर, डिफेंस साइबर एजेंसी और भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) से इस संबंध में अलर्ट मिला था। इसके बाद जांच शुरू कर दी गई है। सर्ट-इन से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी डेटा लीक के दायरे और कारणों का पता लगा रही है। शुरुआती जानकारी में ग्राहकों के नाम, पते और मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां लीक होने की आशंका है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ अविनाश जैन के अनुसार, डेटा लीक का संबंध लोन आवेदन, केवाईसी दस्तावेज या ग्राहकों के रिकॉर्ड से हो सकता है। हालांकि, एसबीआई के कोर बैंकिंग सिस्टम के हैक होने की पुष्टि नहीं हुई है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि इस घटना से उसके मुख्य कारोबार, वित्तीय प्रदर्शन और रोजाना के लेनदेन पर कोई असर नहीं पड़ा है। वहीं, ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे किसी अनजान कॉल या संदेश पर ओटीपी, एटीएम पिन और पासवर्ड साझा न करें। बैंक अधिकारी बनकर संपर्क करने वाले लोगों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना बैंक को दें।






