भारतीय लोक संस्कृति की अमर स्वर-कोकिला, तीजन बाई के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद
है। उनका जाना केवल एक महान लोक कलाकार का निधन नहीं, बल्कि भारतीय लोक परंपरा के एक गौरवशाली अध्याय का अवसान है। विश्वभर में अपार सम्मान प्राप्त करने के बाद भी उनका सहज स्वभाव, लोक कलाकारों के प्रति आत्मीयता और अपनी मिट्टी से जुड़ाव सदैव प्रेरणा देता रहा। उन्हें सदैव एक अदम्य साहस, अपार ऊर्जा और विलक्षण प्रतिभा से संपन्न कलाकार के रूप में देखा। उन्होंने पंडवानी जैसी लोक परंपरा को विश्व के सर्वोच्च मंचों तक पहुँचाकर भारतीय संस्कृति का गौरव बढ़ाया। उनका संपूर्ण जीवन कला-साधना, संघर्ष और समर्पण का अनुपम उदाहरण रहेगा।
ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा उनके परिवार, शिष्यों, प्रशंसकों और समस्त कला-जगत को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।आदरणीया तीजन बाई जी को अश्रुपूरित भावभीनी श्रद्धांजलि।






