*पत्नी की हत्या कर कोबरा से कटवाने का रचा षड्यंत्र, पति को उम्रकैद*
*इंदौर। बहुचर्चित शिवानी हत्याकांड में 28वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार रघुवंशी की अदालत ने पति अमितेश उर्फ शालू पटेरिया को पत्नी की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने साक्ष्य मिटाने और कोबरा सांप की हत्या के मामले में भी अलग-अलग सजा एवं जुर्माना लगाया है।
अभियोजन के अनुसार, 1 दिसंबर 2019 को कनाड़िया रोड स्थित संचार नगर एक्सटेंशन में अमितेश ने सहआरोपियों के साथ मिलकर पत्नी शिवानी की तकिये से मुंह दबाकर हत्या कर दी। हत्या को प्राकृतिक या दुर्घटनाजन्य मौत दिखाने के लिए शव को कोबरा सांप से कटवाया गया, ताकि मौत का कारण सर्पदंश माना जाए। घटना के बाद इस्तेमाल किए गए कोबरा सांप को भी मार दिया गया, जिससे सबूत नष्ट किए जा सकें।
जांच में यह भी सामने आया कि विवाह के बाद से ही शिवानी को दहेज और रुपयों की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जाता था। अदालत ने माना कि आरोपी ने पत्नी के साथ क्रूरता की और सुनियोजित तरीके से हत्या कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया।
अदालत का फैसला
धारा 302 (हत्या) : आजीवन सश्रम कारावास और ₹10,000 अर्थदंड।
धारा 201 (साक्ष्य मिटाना) : 2 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹10,000 अर्थदंड।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 के तहत कोबरा (नाजा-नाजा) की हत्या के लिए 3 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹25,000 अर्थदंड।
अदालत ने कहा कि हत्या को सर्पदंश का रूप देकर कानून से बचने का प्रयास किया गया, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर अभियोजन आरोप सिद्ध करने में सफल रहा।






