2026 में ब्रिटेन को मिली अपनी पहली जैन सांसद, जैन पवित्र ग्रंथ “समणसुत्तं” पर शपथ लेकर इतिहास रच दिया।

Shama Shah ब्रिटिश संसद के उच्च सदन House of Lords में स्थान प्राप्त करने वाली जैन समुदाय की पहली प्रतिनिधि बनी हैं। यह सदन ब्रिटेन की संसद का ऊपरी सदन है और दुनिया के सबसे पुराने लोकतांत्रिक संस्थानों में से एक माना जाता है, जहाँ महत्वपूर्ण कानूनों और नीतियों पर चर्चा और समीक्षा होती है।
हाल ही में Eastern Eye को दिए अपने इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी शपथ जैन पवित्र ग्रंथ समणसुत्तं पर ली। उन्होंने कहा कि House of Lords जैसे ऐतिहासिक लोकतांत्रिक संस्थान में, अपने धर्मग्रंथ को हाथ में लेकर, अपनी आस्था के शब्दों के साथ जनसेवा की शपथ लेना उनके लिए अत्यंत गहन, भावनात्मक और सम्मानपूर्ण अनुभव था।
यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि जैन सिद्धांतों—अहिंसा, सत्य, संयम और करुणा—की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है। यह पूरे जैन समाज के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का क्षण है।
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