5 करोड़ गौभक्तों की आवाज़ पहुँची केंद्र और राज्यों तक -अब 27 जुलाई को 15 करोड़ हस्ताक्षरों का महासंकल्प ,गौमाता के सम्मान हेतु देशव्यापी जन जागरण

-5 करोड़ गौभक्तों की आवाज़ पहुँची केंद्र और राज्यों तक
-अब 27 जुलाई को 15 करोड़ हस्ताक्षरों का महासंकल्प ,गौमाता के सम्मान हेतु देशव्यापी जन जागरण

इंदौर।
गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज फलोदी गौशाला में ग्वाल संत पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती के सानिध्य में इंदौर एवं देवास जिले के प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में देशव्यापी गौ सम्मान आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया गया।

स्वामी गोपालानंद सरस्वती ने अपने उद्बोधन में बताया कि 27 अप्रैल को देश की 5700 तहसीलों से 5 करोड़ संतों एवं गौभक्तों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन तहसीलदार एवं एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विभिन्न राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्रियों को भेजे गए। ज्ञापन में गौमाता को “राष्ट्रमाता” घोषित करने तथा देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की प्रमुख माँग रखी गई।

उन्होंने घोषणा की कि आगामी 27 जुलाई को देश के सभी जिला मुख्यालयों पर 15 करोड़ गौभक्तों एवं संतों के हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन कलेक्टरों को सौंपे जाएंगे, जिन्हें राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री तक पहुँचाया जाएगा। इंदौर जिले से इस अभियान हेतु 3 लाख हस्ताक्षरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

स्वामीजी ने सभी गौसेवकों, मातृशक्ति एवं युवाओं से आह्वान किया कि 27 जुलाई को प्रातः 8 बजे धोबीघाट, इंदौर पर एकत्रित होकर सवा घंटे तक विजय मंत्र जाप किया जाएगा।
गौमाता पर आए संकट और भार को दूर करने के संकल्प स्वरूप ननद अपनी 5-5 भाभियों को मेहंदी कोन भेंट करेंगी, जिनकी हथेलियों पर “गो सम्मान आह्वान अभियान” लिखकर वे रैली में सहभागी बनेंगी।

अभियान के अंतर्गत साइक्लोथॉन रैली भी निकाली जाएगी, जिसमें स्कूल एवं कॉलेजों के विद्यार्थी भगवा ध्वज और गौसम्मान के संदेश लिखी तख्तियों के साथ सहभागिता करेंगे।

इस अवसर पर साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती, संत माधवदास उदासी, वीरेंद्र कुमार जैन, मध्यप्रदेश प्रभारी श्रीराम शर्मा, संभाग प्रभारी पंडित मनोज तिवारी, जिला प्रभारी संजय कटारिया, अमित राजपुरोहित, देवास प्रभारी विजय सोनी, मनीष गुप्ता, पंडित ब्रजमोहन चौबे, विनोद कनौजिया, राजेंद्र तिवारी, राजेंद्र सचदेव, सुशीला जैन, निर्मला वाजपेयी, सुचेता तिवारी, रवि शर्मा, वेदप्रकाश आर्य, प्रभु राजपुरोहित एवं मनीष चंदेल ने भी विचार व्यक्त किए।

अंत में पंडित मनोज तिवारी ने आभार व्यक्त किया।

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