*राजबाड़ा में अतिक्रमण पर सख्ती का असर, निगम रिमूवल दल के रवैये पर उठे सवाल*
*स्थायी दुकानदारों ने जताई नाराजगी, पीली गाड़ी से हो रही औपचारिक मुनादी पर सवाल*
इंदौर। शहर के ऐतिहासिक राजबाड़ा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को लेकर नगर निगम आयुक्त द्वारा जीरो टॉलरेंस नीति के स्पष्ट संकेत दिए जाने के बाद निगम का रिमूवल दल सक्रिय तो हुआ है, लेकिन उसकी कार्यप्रणाली को लेकर नए सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय स्थायी दुकानदारों का आरोप है कि सड़क और फुटपाथ पर अवैध रूप से कब्जा जमाने वाले कारोबारियों के बजाय निगम का रिमूवल दल अपनी सख्ती का प्रदर्शन स्थायी और पक्की दुकानों के सामने कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, अतिक्रमण के मामलों में विभागीय स्तर पर हाल ही में जिम्मेदार प्रभारी में बदलाव किया गया है। इसके बाद से जमीनी स्तर पर व्यवस्था में बदलाव के संकेत तो दिखाई दे रहे हैं, लेकिन व्यवहारिक स्तर पर कार्रवाई की दिशा को लेकर असंतोष भी सामने आ रहा है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि निगम की पीली गाड़ी, जिसका उपयोग सड़क और फुटपाथ पर अवैध कब्जे हटाने की मुनादी के लिए किया जाता है, अब अधिकतर समय चिन्हित और स्थायी दुकानों के सामने खड़ी कर औपचारिक घोषणा करती नजर आती है। जबकि वास्तविक समस्या उत्पन्न करने वाले अस्थायी सड़क और फुटपाथ कारोबारी पूर्ववत अपने स्थानों पर जमे हुए हैं।
व्यापारियों के अनुसार, इससे यह संदेश जा रहा है कि कार्रवाई का फोकस वास्तविक अतिक्रमण हटाने के बजाय औपचारिकता निभाने तक सीमित है। स्थायी दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि रिमूवल दल की इस कार्यशैली से उनके व्यवसाय पर अनावश्यक दबाव बन रहा है, जबकि सड़क और फुटपाथ पर अवैध कब्जों के कारण यातायात और आम नागरिकों को होने वाली परेशानी में कोई विशेष कमी नहीं आई है।
गौरतलब है कि नगर निगम आयुक्त ने हाल ही में राजबाड़ा क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया था कि सड़क और फुटपाथ पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कार्रवाई की प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने निगम प्रशासन से मांग की है कि कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाए तथा वास्तविक अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि राजबाड़ा क्षेत्र में यातायात और व्यापारिक व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर जारी है और सभी प्रकार के अवैध कब्जों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।






