आर्थिक सर्वे 2025-26: भारत की ग्रोथ मजबूत, वैश्विक जोखिमों पर सतर्कता जरूरी*
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वे 2025-26 पेश किया। सर्वे के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, हालांकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सतर्क रहने की जरूरत है। सर्वे में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान जताया गया है। महंगाई नियंत्रण में बताई गई है और अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान औसत मुद्रास्फीति 1.7% रही। रिपोर्ट में बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत पर चिंता जताते हुए सोशल मीडिया के लिए उम्र-आधारित नियमों की सिफारिश की गई है। वहीं विदेशी मोर्चे पर पूंजी प्रवाह और रुपये पर दबाव को चुनौती बताया गया है। राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2025 में जीडीपी का 4.8% रहा, जिसे 2026 में 4.4% तक लाने का लक्ष्य है। राज्यों की मुफ्त योजनाओं पर भी चेतावनी दी गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपेक्स, पीएलआई योजना, सेमीकंडक्टर मिशन और रोजगार सृजन को अर्थव्यवस्था की बड़ी ताकत बताया गया है। सर्वे के अनुसार गरीबी में भी ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है।






