स्टेट प्रेस क्लब के संवाद कार्यक्रम में देश की लोकप्रिय एंकर ने कहा ब्रेक पर हूँ मैं, शीघ्र ही नई भूमिका दिखेगी

स्टेट प्रेस क्लब के संवाद कार्यक्रम में देश की लोकप्रिय एंकर ने कहा ब्रेक पर हूँ मैं, शीघ्र ही नई भूमिका दिखेगी

टीवी न्यूज़ से निराशा हो भी तो उसे छोड़ना ठीक नहीं : निधि कुलपति

इंदौर। न्यूज़ मीडिया के सामने अपनी स्वतंत्रता और आवाज़ बचाए रखने की चुनौती हमेशा रही है। प्रेस इंडेक्स में भारत का निचले पायदान पर रहना एक बंधन का प्रतीक है, जिसे मीडिया को पार करना है। ये बात स्टेट प्रेस क्लब के संवाद कार्यक्रम में देश की सबसे लोकप्रिय एंकरों में अग्रणी सुश्री निधि कुलपति ने कही।

टीवी न्यूज़ की वर्तमान स्थिति से आम जनता की निराशा और असंतुष्टि को सुश्री निधि कुलपति स्वीकारती भी हैं और इसे वाजिब भी मानती हैं। लेकिन, वे आशावादी भी हैं और दर्शकों से अपील करती हैं कि टीवी न्यूज़ को छोड़ें नहीं। वे सवाल करती हैं कि किसी को घाव हो जाए तो उसका ईलाज किया जाता है या उसे उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है ?? सारे टीवी न्यूज़ जगत को नकारना गलत है क्योंकि कुछ पत्रकार अभी सही पत्रकारिता कर रहे हैं। मुश्किल के साथ अच्छा काम करने में लगें पत्रकारों का साथ देना दर्शकों का और जनता का फ़र्ज़ है।

वे ईमानदारी से स्वीकारती है कि देश का प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में बहुत नीचे होना एक चुनौती है। ऐसी चुनौती अभी बढ़ी अवश्य है लेकिन रही हर दौर में है। इससे पार पाना पत्रकार का धर्म है। वे पुनः आशावाद दिखाते हुए कहती हैं कि पत्रकार एक रास्ते में अड़चन आने पर दूसरी राह खोल लेते हैं। आज सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनलों के प्रति भरोसा बढ़ना और लोकप्रियता बढ़ना इसी का प्रतीक है।

मई 2025 में, “ये मेरा आखिरी बुलेटिन है” कहकर पूरे देश को भावुक करने वाली सुश्री निधि कुलपति ने संवाद कार्यक्रम में खुशखबरी दी कि वे ब्रेक पर हैं, मीडिया से दूर नहीं हुई हैं। वे नई भूमिका की तलाश में हैं और अपना यूट्यूब चैनल प्रारंभ करने समेत अन्य विकल्पों का आकलन कर रही हैं। अपनी स्टडीज़ पूरी करने के लक्ष्य की पूर्ति के लिए उन्होंने एम.फ़िल. की उपाधि प्राप्त कर ली है और अब पीएचडी करने में लगी हैं। वे शीघ्र ही अपने शुभचिंतकों के साथ विचार मंथन कर नई भूमिका में मीडिया से जुड़ेंगी।

सुश्री कुलपति सगर्व मध्यप्रदेश से अपना नाता बताती हैं कि उनके पिता श्री दमोह में ही जन्में तथा एम्स की पहली बैच के एमडी थे। विश्वविद्यालय में टॉपर के नाते उनका नाम बोर्ड पर उल्लेखित रहा, जिसका उन्हें गर्व रहा। उनके दादाजी श्री रतनलाल जी दमोह के प्रतिष्ठित नागरिक रहे हैं।

संवाद कार्यक्रम के प्रथम चरण में वरिष्ठ पत्रकार श्री राजेंद्र कोपरगांवकर, श्री घनश्याम पटेल, श्रीमती रचना जौहरी, सुश्री सोनाली यादव, श्रीमती मीना राणा शाह, श्री संजय मेहता ने सुश्री निधि कुलपति का स्वागत किया। स्टेट प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री प्रवीण खारीवाल ने उन्हें स्मृति चिन्ह एवं कार्टूनिस्ट श्री गोविन्द लाहोटी ने कैरीकेचर भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन एवं प्रश्नों का जिम्मा श्री आलोक बाजपेयी के पास था।

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