पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत का कड़ा रुख, सीसीएस बैठक में लिए गए सख्त फैसले*
सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक में पाकिस्तान को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि 1960 की सिंधु जल संधि स्थगित की गई है, अटारी चेक पोस्ट तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है, और पाकिस्तानी नागरिकों के SPES वीजा रद्द कर दिए गए हैं। कूटनीतिक कार्रवाई: नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के सैन्य सलाहकारों को “अवांछित व्यक्ति” घोषित किया गया है। भारत ने इस्लामाबाद स्थित अपने रक्षा अधिकारियों को भी वापस बुला लिया है। हमले के बाद सेना, एनआईए, पुलिस और अन्य एजेंसियां सक्रिय हैं। ड्रोन और हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है। दिल्ली से कश्मीर तक हाई अलर्ट घोषित। आतंकी हमले में 26 की मौत: पहलगाम की बायसरन घाटी में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई, 17 घायल। हमले में 20 मिनट तक AK-47 से गोलीबारी की गई। दो स्थानीय आतंकियों- आदिल अहमद ठाकुर (लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा) और आशिफ शेख (जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा) के नाम सामने आए। दो पाकिस्तानी आतंकियों की भी पहचान की गई। शवों को दी गई श्रद्धांजलि: हमले में मारे गए लोगों के पार्थिव शरीर श्रीनगर लाए गए, जहां गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने की बैठक की अध्यक्षता: ढाई घंटे चली CCS की बैठक में पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और NSA अजीत डोभाल मौजूद रहे। अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई का संकेत: विदेश सचिव ने कहा भारत हमलावरों और उनके मददगारों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयास करेगा।






