*इंदौर को “वाटर प्लस शहर” का फिर से दर्जा दिलाने के लिए महापौर ने ली बैठक*
इंदौर ।नगर निगम मुख्यालय पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता बैठक की गई,बैठक में जल कार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू सहित संबंधित विभाग के अधिकारी भी सम्मिलित हुए। दरअसल महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में इंदौर को “वाटर प्लस शहर” का फिर से दर्जा प्राप्त करने के लिए, शहर ने 12 मानकों पर खरा उतरने के लिए की गई तैयारी पर चर्चा कर निर्देश दिए गए , जिसमें सीवेज के पानी को ट्रीटमेंट के बाद ही नदी-नालों में छोड़ने और खुले सीवेज को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है साथ ही शहर में १२८ कुएं और बावड़ियों की सफाई के साथ आउट फॉल बंद करने के लिए कार्यों के साथ चैनल सफाई जैसे कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।महापौर द्वारा बैठक में निर्देश देते हुए कहा कार्यों की गुणवत्ता का ध्यान रखने की बात भी कही।
*तैयारी के मुख्य बिंदु:*
*खुले सीवेज को खत्म करना*
शहर में खुले सीवेज को खत्म करने और सीवेज के पानी को ट्रीटमेंट के बाद ही नदी-नालों में छोड़ने के लिए योजनाएं बनाई गई हैं।
*ट्रीटमेंट प्लांट*
शहर में सीवेज के पानी के ट्रीटमेंट के लिए ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए गए हैं, जिससे पानी को साफ करके नदी-नालों में छोड़ा जा सके।
*पानी की गुणवत्ता*
पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए सुविधाएं स्थापित की गई हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पानी पीने योग्य और सुरक्षित है।
*जल संरक्षण*
वर्षा जल संचयन और पानी के पुन: उपयोग के लिए भी प्रयास किए गए हैं।
*जागरूकता*
लोगों को पानी के महत्व और जल संरक्षण के बारे में जागरूक करने के लिए गतिविधियाँ आयोजित की गई हैं।
*निगरानी*
शहर में जल आपूर्ति नेटवर्क और पानी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए व्यवस्था ।
*नदी-नालों की सफाई*
शहर की नदियों और नालों की सफाई और संरक्षण के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
*प्रशिक्षण*
नगरीय निकाय के कर्मचारियों को जल प्रबंधन और जल संरक्षण के बारे में प्रशिक्षण दिया गया है।
*मीटरिंग*
शहर में जलापूर्ति की मीटरिंग व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया है।
*शिकायतों का निवारण*
जल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए एक हेल्पलाइन स्थापित की गई है।
*24 घंटे जलापूर्ति*
शहरी क्षेत्र में 24 घंटे जलापूर्ति का इंतजाम किया गया है।
*अवैध कनेक्शन पर रोक*
लीकेज और अवैध नल कनेक्शनों के माध्यम से पानी की चोरी पर रोक लगाने के लिए प्रयास किए गए।
ज्ञात हो की स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के परिणामों में इंदौर को भारत का पहला “वाटर प्लस शहर” घोषित किया गया था
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