कलाकारों ने 30 घंटे पेंटिंग बनाकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया नाम।

*कलाकारों ने 30 घंटे पेंटिंग बनाकर वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया नाम।*

*श्रीमती सीमा अलावा (एडिशनल डीसीपी मुख्यालय इंदौर) और उनके साथियों ने जनजातीय कला पिथौरा की पेंटिंग की कलाकृतियों के साथ दी इस आयोजन में प्रतिभागिता।*

इंदौर शहर के एसजीएसआईटीएस इंस्टिट्यूट में विगत 3 व 4 फरवरी 2024 को एक विशेष आयोजन हुआ जिसमें दिनांक 03 फरवरी के सुबह 10 बजे से दिनांक 04 फरवरी शाम 06 बजे तक विभिन्न (कॉलेज व संस्थान और व्यक्तिगत) विधाओं के सैकड़ो कलाकारों ने कैम्पस की सड़कों और दीवारों पर लगातार 30 घंटे पेंटिंग कर अपने रचनात्मक विचारों को उकेर कर, एक अनोखा रिकार्ड बनाया जो वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया।

इस प्रतियोगिता में श्रीमती सीमा अलावा (एडिशनल डीसीपी मुख्यालय इंदौर) और कामना वर्मा, बेबी सिंग व साक्षी ने भी भाग लेकर पिथौरा पेंटिंग की कलाकृतियों के माध्यम से अपनी रचनाओं को बनाकर इस रिकार्ड के सहभागी बने।
पिथौरा पेंटिग आदिवासी इलाकों की एक महत्वपूर्ण लोक कला है, जो ज्यादातर झाबुआ/अलीराजपुर के ट्राईबल क्षेत्र में प्रचलित हैं।
विदित हो कि श्रीमती सीमा अलावा लंबे समय से पिथौरा कला से जुड़ी हुई हैं और निरवरत रूप से इसके प्रचार प्रसार में लगी हैं, इसी को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश शासन द्वारा विगत वर्ष उन्हें जनगण श्याम सम्मान से भी सम्मानित किया गया है।

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