नए आपराधिक कानूनों पर राष्ट्रपति की मुहर,नए नियमों में बदली भारतीय दंड संहिता की धाराएं*
भारतीय न्याय संहिता में धोखाधड़ी या ठगी का अपराध 420 में नहीं, धारा 316 के तहत आएगा। इसी तरह किसी की हत्या करने वाला धारा 302 नहीं, धारा 101 का अपराधी बनेगा। अब अशांति या बवाल को रोकने के लिए धारा 144 नहीं, धारा 187 लगाई जाएगी। महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराध पर नया अध्याय न्याय संहिता में महिलाओं और 18 साल से कम उम्र की बच्चियों के खिलाफ दुष्कर्म और अपराधों से निपटने के लिए नया अध्याय जोड़ा गया है। नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के अपराध पर उम्रकैद या फांसी की सजा का प्रावधान है।






