*हवाई जहाज में कर सकेंगे फोन पर बात और इंटरनेट सर्फिंग, अगले महीने से मिल सकती है सुविधा*
नई दिल्ली।अक्सर हवाई जहाज में सफर करने के दौरान हमें अपने फोन को फ्लाइट मोड में डालना पड़ता है लेकिन आने वाले कुछ महीनों के भीतर हम विमान में कॉलिंग और इंटरनेट सर्फिंग भी कर सकेंगे। हाल ही में टेलीकॉम रेगुलेटरी ने यात्रियों को इन फ्लाइट कनेक्टिविटी (IFC) देने के लिए बीएसएनएल समेत तीन टेलीकॉम कंपनियों को लाइसेंज जारी किए हैं।
टेलीकॉम सेक्रेटरी अरुणा सौंदराराजन ने कहा कि इन फ्लाइट कनेक्टिविटी से यात्री उड़ान के दौरान कॉलिंग कर सकेंगे साथ ही इंटरनेट सर्फिंग का भी लुफ्ट उठा सकेंगे, इसके अलावा वाईफाई की सुविधा भी प्रदान की जा सकती है, जो तेजी से बढ़ते एविएशन इंडस्ट्री में एयरलाइंस कंपनियों के लिए आय का स्त्रोत बनेगा। उन्होंने आगे बताया कि केंद्र सरकार ने इसे लेकर नोटिफिकेशन भी जारी किया है जिससे उम्मीद की जा रही है कि इन फ्लाइट कनेक्टिविटी की सुविधा अगले माह तक शुरू की जा सकती है।
*तीन टेलीकॉम कंपनियां शामिल*
इन फ्लाइट कनेक्टिविटी के लिए Hughes कम्युनिकेशन, टाटा टेलनेट और बीएसएनएल जैसी तीन बड़ी कंपनियों को लाइसेंस जारी कर दिया गया है, अब इन कंपनियों को घरेलू ऑपरेटर्स और अंतरिक्ष विभाग के साथ करार कर इस सेवा की शुरुआत करनी होगी।
700 रुपए तक का अतिरिक्त भुगतान
शुरुआती तौर पर स्पाइसजेट और इंडिगो ने यात्रियों को इन फ्लाइट कनेक्टिविटी की सुविधा मुहैया कराने में रुचि दिखाई है। हालांकि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए ग्राहकों को टिकट के साथ कनेक्टिविटी का पैकेज मिलेगा जिसके लिए ग्राहकों को 500 से 700 रुपए तक का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।
*इन एयरलाइंस में मिलती है यह सुविधा*
एयर एशिया, एयर फ्रांस, ब्रिटिश एयरवेज़, मलेशिया एयरलाइंस, कतर एयरवेज़, वर्जिन एटलान्टिक समेत 30 एयरलाइंस में यह सुविधा उपलब्ध है।
विमान 3 हजार मीटर ऊंचाई पर हो
इन फ्लाइट कनेक्टिविटी सेवा में फिलहाल ग्राहकों को इंटरनेट सर्फिंग की सुविधा मिलेगी, कॉलिंग की सुविधा के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। सुरक्षा का ध्यान में रखते हुए दूरसंचार अयोग ने तय किया है कि यह सुविधा विमान के समुद्र और जमीन से 3000 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ही मुहैया कराई जाएगी। टेक ऑफ के बाद इतनी ऊंचाई पर विमान को पहुंचने में सिर्फ 4 से 5 मिनट का ही समय लगता है।






