बढ़ती महंगाई और मंदी के आहट से सहमे दुनिया के शेयर बाजार, यूरो और ब्रिटिश पाउंड कई दशकों निचले स्तर पर*
दुनिया भर के बाजारों में शुक्रवार को आर्थिक मंदी की आहट के चलते बड़ी गिरावट हुईं। अमेरिका से लकेर यूरोप और एशिया के बाजारों में बिकवाली हावी रही। दुनिया के बाजारों में गिरावट की शुरुआत अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेड के 21 सितंबर के उस फैसले के बाद हुई, जिसमें महंगाई को कम करने के लिए ब्याज दरों लगातार तीसरी बार 75 आधार अंक या 0.75 प्रतिशत बढ़ाया गया था।अमेरिका में महंगाई उच्चतम स्तर पर बनी हुई है। इसके कारण अमेरिका के बाजारों में लगातार ऊपरी स्तर से बड़ी गिरावट आ रही है। शुक्रवार को डाउ जोन्स 486 अंक या 1.62 प्रतिशत गिरकर 29,590 पर पहुंच गया। जानकारों का कहना है कि गिरावट और अधिक बढ़ती है तो अमेरिकी बाजार आधिकारिक तौर पर मंदी में चला जाएगा।यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी के शेयर बाजार में 1.97 प्रतिशत, फ्रांस में 2.28 प्रतिशत, यूके में 1.97 प्रतिशत, स्पेन में 2.46 प्रतिशत की बड़ी गिरावट हुई है। वहीं, चीन (शंघाई) के शेयर बाजार में 0.66 प्रतिशत, थाईलैंड में 0.83 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया के बाजार में 1.81 प्रतिशत और ताइवान के शेयर बाजार 1.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।






