द्वापर की सप्तपुरियों जैसी फिर होगी श्री कृष्ण की पावन जन्मभूमि मथुरा, सीएम योगी ने खींच लिया खाका

द्वापर की सप्तपुरियों जैसी फिर होगी श्री कृष्ण की पावन जन्मभूमि मथुरा, सीएम योगी ने खींच लिया खाका*
भगवान कृष्ण की पावन जन्मभूमि मथुरा द्वापरयुग में इसकी गिनती सप्तपुरियों में होती थी। आज भी देश के धार्मिक स्थलों में मथुरा समेत पूरे ब्रज क्षेत्र का खास स्थान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पहले कार्यकाल से ही मथुरा का द्वापरकालीन वैभव लौटने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।सबसे पहले ‘उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद’ का गठन कर सीएम योगी ने मथुरा ही नहीं, राधा-कृष्ण की लीलास्थली रही पूरे ब्रज क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर दी। यही नहीं उनके दूसरे कार्यकाल में मंत्रिपरिषद के समक्ष हुए प्रस्तुतिकरण में भी पर्यटन विभाग ने धार्मिक लिहाज से जिन पांच शहरों को वैश्विक स्तर की सुविधाओं से संतृप्त करने का लक्ष्य रखा है उनमें मथुरा भी है। बाकी शहर हैं- काशी, अयोध्या, चित्रकूट और गोरखपुर।भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीराधारानी की लीलास्थली रहे पवित्र ब्रज भूमि को भगवान श्रीकृष्ण का नित्यवास स्थल माना जाता है। ये लीलास्थल आज भी श्रद्धालुओ एवं पर्यटकों के आस्था के केन्द्र हैं। पूरे साल यहां देश-विदेश के पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है।इसमें ब्रज क्षेत्र के आठ स्थल वृंदावन बरसाना, नंदगांव गोवर्धन, राधाकुंड, गोकुल, बल्देव एवं मथुरा धार्मिक लिहाज से सबसे प्रमुख हैं। इनको ब्रज का धरोहर माना जाता है। इन धरोहरों की पुनर्प्रतिष्ठा के उद्देश्य से ही उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन किया गया।

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